दुनिया

US-Iran Relations: जिनेवा में अगले हफ्ते होगी अमेरिका और ईरान की अहम बैठक; परमाणु संवर्धन पर चर्चा तेज, होर्मुज जलमार्ग से 2 करोड़ बैरल क्रूड ऑयल बाहर

25 जून, 2026 | वाशिंगटन/जिनेवा | US-Iran Relations: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी भू-राजनीतिक गतिरोध को शांत करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर एक और बड़ी हलचल शुरू हो गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने खाड़ी देशों के साथ हुई हालिया चर्चाओं को बेहद ‘स्पष्ट और गंभीर’ (Frank) बताया है। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि अगले सप्ताह स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में अमेरिका और ईरान के बीच बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी वार्ता (Technical Talks) आयोजित होने जा रही है।

इस आगामी बैठक को लेकर वैश्विक बाजारों और विशेषकर तेल उत्पादक देशों की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कच्चे तेल की सप्लाई चेन पर पड़ने वाला है।

29 और 30 जून को जिनेवा में जुटेंगे राजनयिक: परमाणु संवर्धन मुख्य एजेंडा

विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के निचले स्तर के राजनयिकों और विशेषज्ञों की तकनीकी टीमें आगामी 29 और 30 जून को स्विट्जरलैंड में आमने-सामने बैठेंगी।

इस द्विपक्षीय बातचीत का मुख्य उद्देश्य और रणनीति निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित रहेगी:

  • परमाणु संवर्धन पर लगाम: वार्ताकारों का पूरा ध्यान ईरान के परमाणु संवर्धन (Nuclear Enrichment) से जुड़े तकनीकी सवालों का हल खोजने पर होगा। अमेरिका का रुख साफ है कि वह किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देना चाहता।

  • मिसाइल कार्यक्रम पर अभी चर्चा नहीं: इस बैठक में ईरान के डिलीवरी सिस्टम यानी बैलिस्टिक मिसाइलों (Ballistic Missiles) के मुद्दे को शामिल नहीं किया गया है।

  • परमाणु मुद्दा सबसे अहम: अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि हालिया सैन्य कार्रवाइयों ने ईरान की आक्रामक क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर (Degrade) कर दिया है। इसलिए, वाशिंगटन के नजरिए से इस समय परमाणु खतरे को रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य: टोल टैक्स पर अमेरिका का सख्त रुख

रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर भी अमेरिकी विदेश मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की है। रुबियो ने साफ किया कि जब दोनों देशों के बीच अंतिम समझौता (Final Deal) आकार ले लेगा, तब उस समझौते के तहत होर्मुज जलमार्ग में किसी भी प्रकार का टोल या शुल्क निर्धारित नहीं किया जाएगा। अमेरिका इसे एक अंतरराष्ट्रीय मुक्त जलमार्ग के रूप में ही बनाए रखना चाहता है।

24 घंटे में निकला 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल, पर बारूदी सुरंगें बनीं रुकावट

इसी बीच, न्यूयॉर्क में आयोजित ‘रॉयटर्स ग्लोबल एनर्जी फोरम’ (Reuters Global Energy Forum) में अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर एक बड़ा अपडेट साझा किया है। राइट ने बताया कि पिछले 24 घंटों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य से लगभग 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल सुरक्षित बाहर निकाला गया है।

हालांकि, उन्होंने तेल परिवहन की सामान्य गति में हो रही देरी के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया। ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने आरोप लगाया कि इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील जलमार्ग में ईरान द्वारा बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगें (Iranian Mines) ही तेल शिपिंग के सामान्य स्तर को बहाल करने में सबसे बड़ी रुकावट बनी हुई हैं।

यूएस-ईरान जिनेवा वार्ता 2026: मुख्य फैक्ट्स

मुख्य बिंदु / क्षेत्र अमेरिकी रणनीति और कार्यक्रम मुख्य प्रशासनिक व रणनीतिक लक्ष्य
बैठक की तारीख और स्थान 29 और 30 जून, 2026; जिनेवा, स्विट्जरलैंड दोनों देशों के निचले स्तर के राजनयिक और तकनीकी दल करेंगे चर्चा.
प्राथमिकता (Focus) ईरान का परमाणु संवर्धन कार्यक्रम रोकना. बैलिस्टिक मिसाइल के मुद्दे को फिलहाल वार्ता से अलग रखा गया है.
होर्मुज जलमार्ग का मुद्दा अंतिम समझौते में किसी टोल या शुल्क का प्रावधान नहीं होगा. ईरानी माइंस के कारण तेल जहाजों की आवाजाही सामान्य होने में देरी.

जिनेवा में 29 और 30 जून को होने वाली यह कूटनीतिक बैठक इस बात का संकेत है कि दोनों पक्ष युद्ध या टकराव के बजाय फिलहाल टेबल पर बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, होर्मुज जलमार्ग में सुरक्षा और बारूदी सुरंगों को लेकर अमेरिका के आरोप यह भी दिखाते हैं कि दोनों देशों के बीच अविश्वास की खाई अभी भी बहुत गहरी है। वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजारों की स्थिरता के लिए इस तकनीकी वार्ता के परिणाम बेहद निर्णायक साबित होंगे।

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता, वैश्विक तेल बाजार और खाड़ी देशों के सुरक्षा घटनाक्रमों से जुड़ी हर निष्पक्ष, प्रामाणिक और सबसे तेज लाइव ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल को फॉलो करना न भूलें।

Related Articles

Back to top button