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Pawan Khera Slams Centre: ‘देश का युवा आज दो परीक्षाएं दे रहा है’; राहुल गांधी की कोटा रैली से पहले पवन खेड़ा का केंद्र सरकार पर तीखा हमला

17 जून, 2026 | कोटा/नई दिल्ली | Pawan Khera Slams Centre: देश के सबसे बड़े कोचिंग हब कोटा (राजस्थान) में आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाले विशाल छात्र महासम्मेलन से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। ‘छात्रों की गूंज’ (Echo of Students) नाम से आयोजित होने वाली इस मेगा रैली से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा (Pawan Khera) ने केंद्र सरकार पर चौतरफा हमला बोला है।

पवन खेड़ा ने आज (17 जून) को देश की परीक्षा प्रणालियों में हो रहे लगातार पेपर लीक और धांधली को लेकर मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने भावुक और तीखे लहजे में कहा कि आज भारत का युवा सिर्फ एक नहीं, बल्कि एक साथ ‘दो परीक्षाएं’ देने पर मजबूर है, जो उनके भविष्य के साथ एक क्रूर मजाक है।

पवन खेड़ा का बड़ा बयान: “एक परीक्षा सेंटर में होती है, दूसरी धैर्य की…”

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए पवन खेड़ा ने लिखा कि देश की वर्तमान व्यवस्था ने युवाओं को मानसिक रूप से तोड़ कर रख दिया है।

युवाओं के संघर्ष को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा:

“हमारे देश का युवा आज सिर्फ एक परीक्षा नहीं दे रहा, बल्कि वह एक साथ दो-दो परीक्षाओं से गुजर रहा है। पहली परीक्षा वह है जो परीक्षा केंद्र के भीतर होती है, लेकिन जिसके पेपर बाहर पहले ही लीक हो जाते हैं। और दूसरी परीक्षा सेंटर से बाहर उनके धैर्य, उनके साहस और उनकी दृढ़ता की होती है, जो इस भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ लड़ते हुए वे रोज देते हैं।”

खेड़ा ने साफ शब्दों में कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी युवाओं के साथ हो रहे इस घोर अन्याय पर मूकदर्शक बनकर नहीं बैठ सकते। यह मुद्दा कांग्रेस के राजनीतिक एजेंडे में सबसे ऊपर है, क्योंकि यह सिर्फ छात्रों के करियर का नहीं, बल्कि पूरे भारतीय समाज और देश के कल (भविष्य) का सवाल है। इस रैली का एकमात्र मकसद आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाना है।

राहुल गांधी की युवाओं से अपील: “मोदी सरकार की सोच से बाहर है ईमानदारी”

इससे पहले खुद राहुल गांधी ने देश भर के छात्रों, अभ्यर्थियों और ‘जेन-जी’ (Gen Z) युवाओं को इस आंदोलन से जुड़ने का खुला न्योता दिया था। उन्होंने केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार पर अपनी जिम्मेदारियों से भागने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा:

“मेरे युवा साथियों, एक बात मेरे दिमाग में पूरी तरह साफ है और मैं चाहता हूं कि आप भी इसे अपने दिल में अच्छी तरह बिठा लें—भारत के हर एक युवा के भविष्य की रक्षा करना सरकार की बुनियादी जिम्मेदारी है। लेकिन जिम्मेदारी और ईमानदारी, ये दोनों ही शब्द मोदी सरकार की सोच और कार्यशैली से कोसों दूर हैं।”

राहुल गांधी ने परीक्षाओं में कुप्रबंधन, पेपर लीक, रद्द होती सरकारी भर्तियां, कोचिंग और कॉलेजों की आसमान छूती फीस, हर क्षेत्र में अंधाधुंध निजीकरण और बड़े घोटालों को युवाओं के सपनों की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बताया।

क्या है ‘छात्रों की गूंज’ (Echo of Students) रैली का मुख्य एजेंडा?

कोटा के ऐतिहासिक मैदान में होने जा रही इस ‘छात्रों की गूंज’ रैली का दायरा काफी बड़ा है। कांग्रेस इस मंच के जरिए देश के युवा वोट बैंक को सीधे संदेश देने की कोशिश में है। रैली के मुख्य मुद्दे इस प्रकार हैं:

  • NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद: हाल ही में नीट परीक्षा को लेकर सामने आई अनियमितताओं पर राष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेही तय करना।

  • भर्तियों में लगातार देरी: सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं के परिणाम और जॉइनिंग में होने वाले सालों के विलंब के खिलाफ आवाज उठाना।

  • परीक्षा प्रणालियों में सुधार: देश की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को फुलप्रूफ और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े प्रशासनिक और विधायी उपायों की मांग करना।

21 जून को री-नीट (Re-NEET) परीक्षा; कड़े सुरक्षा घेरे में होगी परीक्षा

गौरतलब है कि आगामी 21 जून, 2026 को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा (Re-examination) आयोजित की जा रही है। 3 मई को देश भर में आयोजित हुई मूल परीक्षा में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और धांधली की शिकायतें सामने आने के बाद सरकार को इसे रद्द करना पड़ा था।

अब आगामी रविवार (21 जून) को दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे के बीच री-नीट की परीक्षा दोबारा ली जाएगी। कांग्रेस इसी परीक्षा से ठीक चार दिन पहले कोटा जैसे बड़े छात्र गढ़ में इस मुद्दे को उठाकर सरकार पर मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।

पेपर लीक और छात्र आंदोलन 2026: एक नजर में पूरा घटनाक्रम

प्रमुख नेता / संस्था आधिकारिक स्टैंड और बयान मुख्य रणनीतिक उद्देश्य कूटनीतिक प्रभाव
पवन खेड़ा (कांग्रेस प्रवक्ता) युवा दो परीक्षाएं दे रहे हैं—एक लीक होने वाले पेपर की और दूसरी अपने धैर्य की। सरकार की परीक्षा प्रणालियों की विफलता को समाज के सामने उजागर करना। युवाओं और मध्यमवर्गीय परिवारों में भावनात्मक पैठ बनाना।
राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष) जिम्मेदारी और ईमानदारी मोदी सरकार के चिंतन से पूरी तरह बाहर है। ‘Echo of Students’ आंदोलन को कोटा के बाद प्रयागराज, पटना और दिल्ली ले जाना। पूरे हिंदी बेल्ट के छात्र आंदोलनों को कांग्रेस के बैनर तले एकजुट करना।
एनटीए (NTA) (प्रशासनिक संस्था) 3 मई की मूल परीक्षा रद्द होने के बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा का आयोजन। दोपहर 2:00 से 5:15 बजे के बीच री-नीट (Re-NEET) का निष्पक्ष संचालन करना। प्रशासनिक साख को दोबारा बहाल करने की चुनौती।

21 जून को होने वाली री-नीट परीक्षा से ऐन पहले पवन खेड़ा और राहुल गांधी का यह आक्रामक रुख यह स्पष्ट करता है कि विपक्ष इस बार शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को जरा भी ढील देने के मूड में नहीं है। कोटा की यह ‘छात्रों की गूंज’ रैली आने वाले दिनों में देश की राजनीति और संसद के आगामी सत्रों में एक बड़े हंगामे का आधार तय कर रही है। अब देखना यह है कि 21 जून को होने वाली परीक्षा को सरकार कितनी पारदर्शिता के साथ संपन्न करा पाती है।

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