
नई दिल्ली | लाइव अपडेट्स | Congress protests against Inflation: अगर आप दिल्ली में रहते हैं, तो आज आपको सड़कों पर भारी सियासी हलचल देखने को मिली होगी। वजह है—महंगाई की चौतरफा मार। एक दिन पहले पेट्रोल-डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर बढ़े और अब दूध की कीमतों ने भी आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है। इसी के विरोध में आज दिल्ली कांग्रेस ने पूरी राजधानी को प्रदर्शनों से हिला कर रख दिया।
आइए जानते हैं कि दिल्ली में कांग्रेस के इस बड़े प्रदर्शन से जुड़ी मुख्य बातें क्या हैं और आम जनता पर इसका क्या असर हो रहा है।
इस प्रदर्शन की 5 बड़ी बातें:
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पूरी दिल्ली में चक्काजाम की स्थिति: दिल्ली के सभी 258 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों ने अपने-अपने इलाकों के पेट्रोल पंपों और सरकारी डेयरी बूथों के बाहर घेराव किया।
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चांदनी चौक में फूटा गुस्सा: चांदनी चौक डिस्ट्रिक्ट कमेटी के कार्यकर्ताओं ने “महंगा डीजल, महंगा तेल” के पोस्टर्स के साथ मोदी सरकार के खिलाफ मार्च निकाला।
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देवेंद्र यादव खुद उतरे मैदान में: दिल्ली कांग्रेस चीफ देवेंद्र यादव भलस्वा इलाके में हो रहे प्रदर्शन में शामिल हुए और दूध व ईंधन की बढ़ी कीमतें तुरंत वापस लेने की मांग की।
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चुनावों के बाद झटका: कांग्रेस का सीधा आरोप है कि सरकार ने केवल चुनाव खत्म होने का इंतजार किया और वोट पड़ते ही जनता पर महंगाई का बोझ डाल दिया।
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4 साल बाद ऐसा उछाल: ईरान युद्ध और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के संकट के बहाने 4 साल में पहली बार खुदरा ईंधन इतना महंगा हुआ है।
जनता की जेब पर कितना बढ़ा बोझ?
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल गाड़ी चलाने वालों पर नहीं पड़ता, बल्कि ट्रांसपोर्ट महंगा होने से हर सब्जी, फल और राशन का सामान महंगा हो जाता है। ऊपर से दूध के दाम बढ़ने से सुबह की चाय से लेकर बच्चों के पोषण तक का गणित बिगड़ गया है।
दिल्ली में अब जेब कितनी होगी ढीली?
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नया पेट्रोल रेट: ₹97.77 प्रति लीटर
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नया डीजल रेट: ₹90.67 प्रति लीटर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे ईरान संकट का बहाना भले ही सरकार के पास हो, लेकिन विपक्ष इसे पूरी तरह से प्रशासनिक विफलता बता रहा है। दिल्ली कांग्रेस का यह आक्रामक रुख साफ संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में महंगाई का यह मुद्दा दिल्ली की राजनीति का मुख्य केंद्र बिंदु बनने वाला है।
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