शिक्षा

Karnataka SSLC Result 2026: 94% पास, तीसरी परीक्षा खत्म

Karnataka SSLC Result 2026: कर्नाटक से 10वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। Karnataka School Examination and Assessment Board (KSEAB) ने SSLC Exam-1 2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिनमें इस बार छात्रों का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है। सबसे खास बात यह रही कि नियमित नए छात्रों का पास प्रतिशत 94.1% तक पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले बड़ी बढ़ोतरी है।

पिछले वर्ष यह पास प्रतिशत 80.04% था, जबकि इस बार परिणामों ने शिक्षा विभाग को भी चौंका दिया है। बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए राज्य सरकार ने अब तीसरी SSLC परीक्षा न कराने का फैसला लिया है।


इस बार कितने छात्र हुए पास?

लाखों छात्रों ने दी परीक्षा

इस साल कुल 8,56,516 छात्रों ने SSLC परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया और परीक्षा में हिस्सा लिया। पूरे राज्य में 2,870 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

इनमें से नियमित नए छात्रों की संख्या 7,70,209 थी। इनमें से 7,24,794 छात्रों ने परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली। यह आंकड़ा बताता है कि इस बार छात्रों की तैयारी और स्कूलों का प्रदर्शन दोनों बेहतर रहे।


लड़कियों ने फिर मारी बाजी

हर साल की तरह इस बार भी लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया है। लड़कियों का पास प्रतिशत 96.18% रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 91.94% दर्ज किया गया।

हालांकि लड़कों के प्रदर्शन में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है। पिछले साल उनका पास प्रतिशत 74.25% था, जो इस बार काफी ऊपर पहुंच गया है। शिक्षा मंत्री ने इसे इस साल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया।


ग्रामीण स्कूलों ने शहरों को पीछे छोड़ा

इस बार ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों ने शहरी स्कूलों से बेहतर प्रदर्शन किया। ग्रामीण स्कूलों का पास प्रतिशत 94.80% रहा, जबकि शहरी स्कूलों का परिणाम 93.2% दर्ज किया गया।

यह दिखाता है कि शिक्षा का स्तर अब केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों में भी छात्र शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।


6,000 से ज्यादा स्कूलों का 100% रिजल्ट

इस साल पूरे कर्नाटक में 6,176 स्कूल ऐसे रहे, जहां सभी छात्र पास हुए। यानी इन स्कूलों का रिजल्ट 100% रहा।

यह राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है और स्कूलों की मेहनत को भी दर्शाता है।


अब नहीं होगी तीसरी SSLC परीक्षा

शिक्षा मंत्री ने किया बड़ा ऐलान

कर्नाटक के स्कूल शिक्षा मंत्री Madhu Bangarappa ने घोषणा की है कि 2025–26 शैक्षणिक सत्र में तीसरी SSLC परीक्षा नहीं कराई जाएगी।

पहले छात्रों को तीन बार परीक्षा देने का मौका मिलता था, ताकि वे फेल होने पर दोबारा प्रयास कर सकें। लेकिन इस बार शानदार परिणामों को देखते हुए सरकार ने तीसरी परीक्षा की जरूरत खत्म मान ली है।

अब आगे केवल दो परीक्षा अवसर ही दिए जाएंगे।


Exam-2 का मौका अभी भी रहेगा

जो छात्र Exam-1 में पास नहीं हो सके हैं, उनके लिए Exam-2 का विकल्प अभी भी रहेगा। यह सप्लीमेंट्री परीक्षा के रूप में आयोजित की जाएगी।

बोर्ड जल्द ही इसकी तारीख, आवेदन प्रक्रिया और अन्य जरूरी जानकारी जारी करेगा। इसलिए छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है।


स्कूल कैटेगरी के अनुसार रिजल्ट

अगर स्कूल प्रबंधन के आधार पर देखा जाए, तो बिना सरकारी सहायता वाले यानी unaided schools का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। इनका पास प्रतिशत 95.4% रहा।

सरकारी स्कूलों का परिणाम 93.97% और aided schools का 92.44% रहा। इससे साफ है कि सभी स्तरों पर सुधार देखा गया है।


रीचेकिंग और रीवैल्यूएशन की सुविधा जारी

हालांकि तीसरी परीक्षा बंद कर दी गई है, लेकिन छात्रों के लिए रीवैल्यूएशन, री-काउंटिंग और उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी लेने की सुविधा जारी रहेगी।

छात्र यह प्रक्रिया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और KarnatakaOne केंद्रों के जरिए पूरी कर सकेंगे।


फीस में भी दी गई राहत

Regular fresh students जिनका Exam-1 में “Not Completed” परिणाम आया है, उन्हें कुछ मामलों में फीस छूट भी दी जाएगी।

इसके अलावा तीसरी भाषा में सुधार परीक्षा देने वाले छात्रों को भी राहत मिलेगी। अन्य श्रेणियों के छात्रों के लिए सामान्य फीस लागू रहेगी।


निष्कर्ष

Karnataka SSLC Result 2026 ने यह साबित कर दिया है कि बेहतर तैयारी और सही शिक्षा व्यवस्था से शानदार परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। 94% से ज्यादा पास प्रतिशत न सिर्फ छात्रों के लिए खुशी की बात है, बल्कि शिक्षा विभाग के लिए भी बड़ी उपलब्धि है।

तीसरी परीक्षा हटाने का फैसला इस बात का संकेत है कि अब सिस्टम ज्यादा भरोसेमंद और मजबूत दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में यह बदलाव छात्रों के लिए नई व्यवस्था का हिस्सा बनेगा।

Related Articles

Back to top button