
Infosys Share Price: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Infosys के शेयरों में शुक्रवार को तेज गिरावट देखने को मिली। कंपनी ने Q4 FY26 के नतीजे जारी किए, जिसके बाद शेयर बाजार में निवेशकों की प्रतिक्रिया काफी नकारात्मक रही। मजबूत मुनाफे के बावजूद कंपनी के कमजोर ग्रोथ आउटलुक ने बाजार का भरोसा हिला दिया।
शुक्रवार की सुबह ट्रेडिंग के दौरान Infosys का शेयर लगभग 5 प्रतिशत तक टूट गया और यह निफ्टी 50 इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरने वाला स्टॉक बन गया। शेयर करीब 1,178 रुपये के स्तर तक पहुंच गया, जबकि पिछले कारोबारी दिन इसका बंद भाव 1,231.8 रुपये था।
ADR में पहले ही दिख गया था दबाव
कंपनी के नतीजे घोषित होने के बाद अमेरिका में सूचीबद्ध Infosys के ADR (American Depositary Receipt) में भी गिरावट दर्ज की गई थी। ADR करीब 4 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया था, जिससे यह संकेत पहले ही मिल गया था कि भारतीय बाजार में शेयर कमजोर शुरुआत कर सकता है।
निवेशकों के लिए यह साफ संकेत था कि बाजार केवल तिमाही मुनाफे को नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं को ज्यादा महत्व दे रहा है।
Q4 FY26 में मुनाफा मजबूत, लेकिन ग्रोथ धीमी
नेट प्रॉफिट में शानदार उछाल
जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में Infosys का शुद्ध मुनाफा 27.8 प्रतिशत बढ़कर 8,501 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह कंपनी के लिए एक मजबूत संकेत माना गया क्योंकि इसमें मार्जिन विस्तार और टैक्स खर्च में कमी का बड़ा योगदान रहा।
इससे यह साफ हुआ कि कंपनी ने लागत नियंत्रण और ऑपरेशनल दक्षता पर अच्छा काम किया है।
रेवेन्यू ग्रोथ रही सीमित
हालांकि मुनाफा बढ़ा, लेकिन कंपनी की आय यानी रेवेन्यू में केवल 2 प्रतिशत की तिमाही वृद्धि दर्ज की गई। यही आंकड़ा निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण बना।
आईटी सेक्टर में लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों के फैसलों में देरी ने कंपनी की भविष्य की विकास संभावनाओं को प्रभावित किया है।
FY27 गाइडेंस ने बढ़ाई चिंता
कंपनी ने FY27 के लिए 1.5 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ का अनुमान दिया है। यह बाजार की उम्मीदों से कमजोर माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गाइडेंस इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में डिमांड को लेकर अनिश्चितता बनी रह सकती है।
यही वजह है कि मजबूत तिमाही मुनाफे के बावजूद निवेशकों ने शेयर बेचने को प्राथमिकता दी।
ब्रोकरेज हाउस क्यों हुए सतर्क?
Citi ने घटाया टारगेट प्राइस
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म Citigroup (Citi) ने Infosys पर ‘Neutral’ रेटिंग बरकरार रखते हुए इसका टारगेट प्राइस घटाकर 1,300 रुपये कर दिया।
Citi का कहना है कि कंपनी के रेवेन्यू और मार्जिन उम्मीद से कमजोर रहे हैं। साथ ही निर्णय लेने की धीमी प्रक्रिया और बढ़ती प्रतिस्पर्धा आने वाले समय में दबाव बना सकती है।
Jefferies ने भी रखा सतर्क रुख
Jefferies ने भी Infosys पर ‘Hold’ रेटिंग बनाए रखी और 1,235 रुपये का टारगेट दिया।
ब्रोकरेज का मानना है कि कमजोर गाइडेंस, कम डील विन्स और कर्मचारियों की संख्या में गिरावट कंपनी की विकास रफ्तार को प्रभावित कर सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
Infosys जैसे बड़े आईटी स्टॉक में गिरावट पूरे सेक्टर के लिए संकेत मानी जाती है। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि केवल मुनाफा ही नहीं, बल्कि भविष्य की ग्रोथ संभावनाएं भी शेयर की दिशा तय करती हैं।
यदि कंपनी आने वाली तिमाहियों में डील्स बढ़ाने और रेवेन्यू ग्रोथ सुधारने में सफल होती है, तो शेयर में रिकवरी देखी जा सकती है।
आईटी सेक्टर पर भी असर
Infosys के कमजोर आउटलुक का असर बाकी आईटी कंपनियों पर भी पड़ सकता है। निवेशक अब पूरे सेक्टर की गाइडेंस और मांग की स्थिति पर ज्यादा ध्यान देंगे।
विशेष रूप से अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों से आने वाले प्रोजेक्ट्स पर निर्भर कंपनियों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
निष्कर्ष
Infosys के Q4 FY26 नतीजे यह दिखाते हैं कि कंपनी ने मुनाफे के मोर्चे पर अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन भविष्य की ग्रोथ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यही वजह है कि बाजार ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी आने वाले महीनों में डील्स, हायरिंग और रेवेन्यू ग्रोथ को कैसे संभालती है। फिलहाल, Infosys का यह गिरता शेयर आईटी सेक्टर के लिए एक बड़ा संकेत बन गया है।



