
Indian IT Stocks Crash Today: 12 फरवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार में IT सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ही IT शेयरों पर दबाव बढ़ गया और Nifty IT Index चार प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 33,588 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया और बाजार में चिंता का माहौल बना दिया।
आज IT सेक्टर पूरे बाजार में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला सेक्टर बनकर सामने आया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
Nifty IT Index क्यों टूटा?
आज सुबह करीब 9:40 बजे Nifty IT Index में चार प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट केवल घरेलू कारणों की वजह से नहीं आई, बल्कि इसका सीधा संबंध अमेरिकी बाजार और वहां जारी हुई रोजगार रिपोर्ट से भी जुड़ा है।
पिछले साल 2025 में IT इंडेक्स करीब 13 प्रतिशत गिरा था, और अब 2026 की शुरुआत से ही इसमें लगभग 11 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि IT सेक्टर लगातार दबाव में बना हुआ है।
अमेरिका की जॉब रिपोर्ट बनी गिरावट की बड़ी वजह
इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका की जनवरी महीने की रोजगार रिपोर्ट रही। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में नौकरियों की संख्या उम्मीद से ज्यादा बढ़ी और बेरोजगारी दर घटकर 4.3 प्रतिशत पर आ गई।
पहली नजर में यह आंकड़े मजबूत लगते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस रोजगार वृद्धि का फायदा ज्यादातर हेल्थकेयर और सोशल सर्विस सेक्टर को मिला है। टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर सेक्टर में उतनी तेजी नहीं दिखी।
इसका मतलब यह है कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है, जिससे IT कंपनियों की ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।
ब्याज दरों को लेकर बढ़ी अनिश्चितता
अमेरिका की मजबूत जॉब रिपोर्ट के बाद यह संभावना बढ़ गई है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में जल्द कटौती नहीं करेगा। जब ब्याज दरें ज्यादा समय तक ऊंची रहती हैं, तो इसका असर टेक कंपनियों और निवेश पर पड़ता है।
भारतीय IT कंपनियों की बड़ी कमाई अमेरिका और यूरोप से होती है। ऐसे में वहां की आर्थिक स्थिति सीधे इनके मुनाफे को प्रभावित करती है।
इसी कारण निवेशकों ने IT शेयरों से दूरी बनानी शुरू कर दी, जिससे आज भारी बिकवाली देखने को मिली।
वॉल स्ट्रीट की गिरावट का असर भारतीय बाजार पर
अमेरिकी बाजारों में भी टेक कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट (गूगल), और अन्य बड़ी टेक कंपनियों के शेयर कमजोर रहे।
माइक्रोसॉफ्ट में करीब 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि अल्फाबेट के शेयर भी करीब 2.4 प्रतिशत टूटे। S&P 500 का सॉफ्टवेयर इंडेक्स भी 2.6 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।
वैश्विक बाजारों में आई इस कमजोरी का असर सीधे भारतीय IT शेयरों पर पड़ा।
AI से बढ़ती प्रतिस्पर्धा बनी नई चुनौती
आज IT शेयरों पर दबाव का दूसरा बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI है। पिछले कुछ महीनों में AI तकनीक बहुत तेजी से आगे बढ़ी है, जिससे IT कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर सवाल उठने लगे हैं।
हाल ही में AI कंपनी Anthropic ने अपने Claude AI के लिए नए टूल लॉन्च किए हैं, जो कानूनी, मार्केटिंग, सेल्स और डेटा एनालिसिस जैसे कामों को ऑटोमेट कर सकते हैं।
इससे यह चिंता बढ़ गई है कि भविष्य में कई कामों के लिए इंसानों की जरूरत कम हो सकती है, जिससे IT कंपनियों की बिलिंग और मैनपावर पर असर पड़ेगा।
भारतीय IT कंपनियों के लिए क्यों खतरनाक है AI?
भारतीय IT कंपनियां लंबे समय से “लेबर-बेस्ड मॉडल” पर काम करती रही हैं। यानी जितने ज्यादा कर्मचारी, उतनी ज्यादा कमाई।
लेकिन AI के बढ़ते इस्तेमाल से कई काम मशीनें करने लगी हैं। इससे कंपनियों को कम कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी और बिल करने वाले घंटे भी घट सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर AI का प्रभाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले वर्षों में IT सेक्टर की ग्रोथ धीमी हो सकती है।
एक्सपर्ट की राय क्या कहती है?
वेंचुरा सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर के मुताबिक, आज की गिरावट दो वजहों से आई है। पहली वजह निवेशकों की तात्कालिक प्रतिक्रिया और दूसरी वजह AI से जुड़ा वास्तविक खतरा।
उनका कहना है कि AI ऑटोमेशन सीधे उन कंपनियों को प्रभावित कर रहा है, जिनका बिजनेस मॉडल श्रम आधारित है। इससे आने वाले समय में कर्मचारियों की संख्या और मुनाफा दोनों घट सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि IT सेक्टर में अभी और गिरावट देखने को मिल सकती है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
वर्तमान हालात में निवेशकों को IT शेयरों में निवेश करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। बाजार में अभी अनिश्चितता बनी हुई है और शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
लॉन्ग टर्म निवेशक मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर नजर रख सकते हैं, जो AI को अपने बिजनेस में सफलतापूर्वक अपनाने में सक्षम हों।
इसके अलावा, निवेश से पहले कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी, रिसर्च इन्वेस्टमेंट और क्लाइंट बेस का विश्लेषण जरूर करना चाहिए।
आगे IT सेक्टर का भविष्य कैसा रहेगा?
आने वाले समय में IT सेक्टर पूरी तरह खत्म नहीं होगा, लेकिन इसका स्वरूप जरूर बदलेगा। जो कंपनियां AI और नई तकनीकों को अपनाकर खुद को अपडेट करेंगी, वही आगे टिक पाएंगी।
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में अभी भी अच्छी संभावनाएं मौजूद हैं।
हालांकि, निकट भविष्य में IT सेक्टर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
निष्कर्ष
12 फरवरी 2026 को IT शेयरों में आई गिरावट ने यह साफ कर दिया है कि सेक्टर इस समय कई चुनौतियों से जूझ रहा है। अमेरिका की जॉब रिपोर्ट, ब्याज दरों की अनिश्चितता, वॉल स्ट्रीट की कमजोरी और AI का बढ़ता प्रभाव – ये सभी कारण मिलकर IT शेयरों पर दबाव बना रहे हैं।
निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता और समझदारी से फैसले लेने का है। जल्दबाजी में निवेश करने से बचना ही बेहतर रहेगा।



