
Jana Nayagan Movie Release News: तमिल सुपरस्टार थलापति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जना नायकन’ (Jana Nayagan) को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब धीरे-धीरे सुलझता नजर आ रहा है। मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को फिल्म के निर्माताओं को सेंसर बोर्ड के खिलाफ दायर की गई याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी है।
इस फैसले के बाद अब फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजा जा सकेगा। माना जा रहा है कि इससे फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ हो सकता है।
कोर्ट से मिली मंजूरी, वापस ली गई याचिका
रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म निर्माता कंपनी KVN प्रोडक्शंस की ओर से उनके वकील विजयन सुब्रमण्यम ने हाईकोर्ट रजिस्ट्री को पत्र लिखकर याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी थी।
यह मामला न्यायमूर्ति पी.टी. आशा की बेंच के सामने पेश किया गया, जहां इसे वापस लेने की मंजूरी मिल गई। इसके बाद अब फिल्म को सेंसर बोर्ड की रिवाइजिंग कमेटी के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
इस कदम को फिल्म के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कई हफ्तों से इसकी रिलीज को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
रिलीज डेट को लेकर लंबे समय से बना था सस्पेंस
‘जना नायकन’ को शुरुआत में जनवरी के मध्य में, पोंगल के मौके पर रिलीज किया जाना था। फैंस को उम्मीद थी कि यह फिल्म त्योहार पर बड़े पर्दे पर आएगी।
हालांकि, सेंसर बोर्ड से जुड़े विवाद के चलते इसकी रिलीज टाल दी गई। जब तक सर्टिफिकेट नहीं मिला, तब तक फिल्म को सिनेमाघरों में उतारना संभव नहीं था।
इसी वजह से जनवरी के बाद से ही विजय के प्रशंसक लगातार फिल्म की रिलीज डेट को लेकर सवाल कर रहे थे।
पहले क्या था मामला?
इस विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब एक सिंगल जज ने सेंसर बोर्ड को निर्देश दिया था कि वह फिल्म को जल्द से जल्द U/A सर्टिफिकेट दे।
लेकिन 27 जनवरी को मद्रास हाईकोर्ट ने इस आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि फिल्म में सेना और धार्मिक भावनाओं से जुड़े कुछ संदर्भ हैं, जिन पर गंभीरता से विचार किया जाना जरूरी है।
कोर्ट के मुताबिक, इन पहलुओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और सेंसर बोर्ड को पूरी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
हाईकोर्ट के फैसले के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की।
इसमें अनुरोध किया गया कि ‘जना नायकन’ की रिलीज से जुड़े किसी भी मामले में बिना सेंसर बोर्ड की बात सुने कोई आदेश न दिया जाए।
इस कदम से साफ हो गया था कि मामला केवल हाईकोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर इसकी समीक्षा हो सकती है।
विजय की आखिरी फिल्म होने से बढ़ी अहमियत
‘जना नायकन’ को खास इसलिए भी माना जा रहा है, क्योंकि इसे थलापति विजय की आखिरी फिल्म बताया जा रहा है।
खबरों के अनुसार, इस फिल्म के बाद विजय सक्रिय राजनीति में कदम रखने वाले हैं। ऐसे में यह फिल्म उनके करियर की एक अहम कड़ी बन गई है।
फिल्म को एक सामाजिक ड्रामा बताया जा रहा है, जिसमें सामाजिक मुद्दों, जनता की आवाज और व्यवस्था से जुड़े सवालों को उठाया गया है।
इसी वजह से इस पर लोगों की खास नजर बनी हुई है।
BookMyShow पर जबरदस्त क्रेज
भले ही फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है, लेकिन इसके बावजूद दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘जना नायकन’ ने BookMyShow पर अब तक 10 लाख से ज्यादा इंटरेस्ट हासिल कर लिया है।
यह आंकड़ा बताता है कि फैंस इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और रिलीज होते ही इसे देखने के लिए तैयार हैं।
अब आगे क्या होगा?
अब जब निर्माताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली है, तो फिल्म को CBFC की रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजा जाएगा।
यह कमेटी फिल्म के कंटेंट की दोबारा समीक्षा करेगी और जरूरी बदलावों के बाद सर्टिफिकेट जारी कर सकती है।
अगर सब कुछ ठीक रहा, तो जल्द ही फिल्म को U/A या किसी अन्य कैटेगरी में प्रमाणपत्र मिल सकता है। इसके बाद मेकर्स नई रिलीज डेट का ऐलान कर सकते हैं।
फिल्म इंडस्ट्री और फैंस की नजरें टिकीं
फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि ‘जना नायकन’ की रिलीज न सिर्फ विजय के करियर के लिए, बल्कि तमिल सिनेमा के लिए भी अहम साबित होगी।
वहीं, फैंस सोशल मीडिया पर लगातार #JanaNayagan और #ThalapathyVijay ट्रेंड कर रहे हैं। हर अपडेट पर लोगों की नजर बनी हुई है।
निष्कर्ष
‘जना नायकन’ को लेकर मद्रास हाईकोर्ट का यह फैसला फिल्म के लिए राहत की खबर है। याचिका वापस लेने के बाद अब सेंसर प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
हालांकि, अभी भी अंतिम फैसला CBFC की समीक्षा पर निर्भर करेगा। लेकिन उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही विजय की यह बहुप्रतीक्षित फिल्म सिनेमाघरों में दस्तक देगी।



