
O’Romeo Trailer Launch Controversy: मुंबई में बुधवार को आयोजित फिल्म ‘ओ’रोमियो’ (O’Romeo) के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में उस वक्त माहौल अचानक चर्चा का विषय बन गया, जब दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए। वजह थी—अपने सह-कलाकारों के आने का एक घंटे से ज्यादा इंतज़ार। इस घटना ने न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री बल्कि सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है।
नाना पाटेकर, जो फिल्म में अहम भूमिका निभा रहे हैं, तय समय पर सबसे पहले वेन्यू पहुंचने वाले कलाकारों में शामिल थे। कार्यक्रम का समय तय था, मीडिया भी मौजूद थी और आयोजन की तैयारियां पूरी थीं, लेकिन सह-कलाकार शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी समय पर नहीं पहुंच पाए। बताया जा रहा है कि नाना पाटेकर करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक इंतज़ार करते रहे, लेकिन जब कार्यक्रम शुरू नहीं हुआ तो उन्होंने चुपचाप वहां से जाना ही बेहतर समझा।
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नाना पाटेकर का इस तरह कार्यक्रम छोड़ना कोई हंगामा नहीं था, लेकिन उनका यह कदम कैमरों की नज़र से छिप नहीं सका। जैसे ही यह खबर सामने आई, यह घटना चर्चा में आ गई। इंडस्ट्री में नाना पाटेकर को अनुशासन और समय की पाबंदी के लिए जाना जाता है, ऐसे में उनका यह फैसला कई लोगों को स्वाभाविक भी लगा।
ट्रेलर लॉन्च के दौरान जब मीडिया ने इस पूरे मामले पर सवाल उठाए, तो फिल्म के निर्देशक विशाल भारद्वाज ने स्थिति को हल्के-फुल्के अंदाज़ में संभालने की कोशिश की। उन्होंने नाना पाटेकर की शख्सियत पर मज़ाकिया टिप्पणी करते हुए कहा कि नाना क्लासरूम के उस सबसे शरारती बच्चे जैसे हैं, जो सबको परेशान भी करता है और सबसे ज्यादा मनोरंजन भी करता है।
विशाल भारद्वाज ने कहा कि वे नाना पाटेकर को पिछले 27 सालों से जानते हैं, लेकिन यह पहला मौका है जब वे दोनों किसी फिल्म में साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अगर नाना वहां मौजूद होते तो माहौल और भी शानदार होता, लेकिन चूंकि उन्हें एक घंटे तक इंतज़ार करवाया गया, इसलिए वे अपने खास अंदाज़ में उठे और चले गए।
निर्देशक ने यह भी साफ किया कि उन्हें नाना के जाने से कोई बुरा नहीं लगा, क्योंकि यही उनका स्वभाव है और यही बात उन्हें खास बनाती है। विशाल भारद्वाज की यह प्रतिक्रिया भले ही मज़ाकिया थी, लेकिन इसने पूरे मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया।
जैसे ही यह खबर बाहर आई, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। बड़ी संख्या में यूज़र्स ने नाना पाटेकर का समर्थन किया और कहा कि किसी भी पेशेवर माहौल में समय की पाबंदी बेहद ज़रूरी होती है। कई लोगों का मानना था कि इतने वरिष्ठ अभिनेता को इस तरह इंतज़ार करवाना गलत है।
वहीं, कुछ यूज़र्स ने इस पूरे मामले के लिए इवेंट मैनेजमेंट और आयोजन की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि अगर कार्यक्रम की टाइमिंग और कोऑर्डिनेशन बेहतर होती, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि बड़े इवेंट्स में कलाकारों के देर से पहुंचने की समस्या आम हो गई है, जिसका खामियाज़ा अक्सर समय पर पहुंचने वालों को भुगतना पड़ता है।
हालांकि, शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन सोशल मीडिया पर यह चर्चा जरूर तेज हो गई है कि क्या स्टारडम समय की पाबंदी से ऊपर हो गया है।
फिल्म ‘ओ’रोमियो’ को लेकर वैसे भी दर्शकों में काफी उत्सुकता है। यह फिल्म शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की जोड़ी को एक बार फिर साथ लाती है, जिन्होंने इससे पहले ‘कमीने’ (2009) और ‘हैदर’ (2014) जैसी यादगार फिल्में दी हैं। ऐसे में इस नई फिल्म से भी दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं।
इस फिल्म में नाना पाटेकर के अलावा फरीदा जलाल, अविनाश तिवारी, तमन्ना भाटिया और विक्रांत मैसी जैसे दमदार कलाकार भी नजर आएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘ओ’रोमियो’ एक सच्ची घटना से प्रेरित फिल्म है, जो अपने कंटेंट और परफॉर्मेंस के दम पर दर्शकों को प्रभावित करने की कोशिश करेगी।
फिल्म को लेकर चर्चा सिर्फ इसके कंटेंट तक सीमित नहीं रही, बल्कि ट्रेलर लॉन्च इवेंट की यह घटना भी इसके प्रचार का अनचाहा हिस्सा बन गई है। हालांकि, कई लोग इसे फिल्म के लिए फ्री पब्लिसिटी भी मान रहे हैं।
कुल मिलाकर, नाना पाटेकर का कार्यक्रम छोड़ना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि फिल्म इंडस्ट्री में पेशेवर रवैये और समय की पाबंदी को कितनी अहमियत दी जाती है। यह घटना भले ही छोटी हो, लेकिन इसने बड़े मुद्दे पर बहस जरूर छेड़ दी है।
फिल्म ‘ओ’रोमियो’ 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है और देखना दिलचस्प होगा कि दर्शकों का ध्यान इस घटना से हटकर फिल्म की कहानी और अभिनय पर कितना जाता है।



