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Union Budget Sunday: रविवार को पेश होगा केंद्रीय बजट, ओम बिरला ने दी पुष्टि |

Union Budget Sunday: देश का आम बजट इस बार एक नया इतिहास रचने जा रहा है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पुष्टि की है कि केंद्रीय बजट 1 फरवरी को रविवार के दिन सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा। यह हाल के दशकों में पहली बार होगा जब बजट रविवार को संसद में रखा जाएगा। इस फैसले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए ओम बिरला ने स्पष्ट कहा कि जनप्रतिनिधि जनता के सेवक होते हैं और उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे सप्ताह के किसी भी दिन अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने यह भी साफ किया कि रविवार होने के बावजूद सरकार अपने तय कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेगी।

अब तक की परंपरा में संसद का सत्र आमतौर पर शनिवार और रविवार को नहीं चलता, सिवाय विशेष परिस्थितियों के। पहले लंबे समय तक बजट 28 फरवरी को पेश किया जाता था, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने इस परंपरा को बदलते हुए 2017 से बजट पेश करने की तारीख 1 फरवरी कर दी थी। साल 1999 में जरूर एक अपवाद देखने को मिला था, जब 28 फरवरी रविवार पड़ने के कारण बजट एक दिन पहले पेश किया गया था। लेकिन इस बार पहली बार बजट सीधे रविवार को ही संसद में रखा जाएगा।

ओम बिरला ने यह बयान ऐसे समय दिया जब वे कॉमनवेल्थ देशों के स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन (CSPOC) को लेकर जानकारी दे रहे थे। यह सम्मेलन 15 और 16 जनवरी को संसद परिसर में आयोजित किया जाएगा, जिसकी मेजबानी भारत कर रहा है। इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।

लोकसभा स्पीकर के अनुसार, इस सम्मेलन में संसदीय लोकतंत्र से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा होगी। साझा संसदीय मूल्यों, लोकतांत्रिक शासन और संस्थागत सहयोग जैसे मुद्दे एजेंडे में शामिल हैं। इसके अलावा संसद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका और सोशल मीडिया का सांसदों के कामकाज पर पड़ने वाला प्रभाव भी चर्चा का विषय होगा।

ओम बिरला ने बताया कि इस बार CSPOC में भागीदारी ऐतिहासिक होने जा रही है। कॉमनवेल्थ के 53 देशों में से 42 देशों ने अपनी उपस्थिति की पुष्टि कर दी है। कुल मिलाकर 67 सदस्य संसदों में से 61 पीठासीन अधिकारी इस सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। हालांकि पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे कुछ देशों की अनुपस्थिति भी चर्चा में है। बांग्लादेश में फिलहाल स्पीकर का पद खाली होने के कारण वहां से कोई प्रतिनिधि नहीं आ रहा है, जबकि पाकिस्तान की गैर-मौजूदगी पर ओम बिरला ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

लोकसभा स्पीकर ने यह भी दोहराया कि “संसद की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता”। इसी संदर्भ में उन्होंने शीतकालीन सत्र के दौरान सामने आए एक विवाद पर भी कड़ा रुख दिखाया। दरअसल, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक सांसद पर संसद के भीतर ई-सिगरेट या वेपिंग करने का आरोप लगा था।

इस मामले में जब उनसे कार्रवाई को लेकर सवाल पूछा गया तो ओम बिरला ने कहा कि जांच अभी जारी है और रिपोर्ट आने के बाद इसे संबंधित सदन समिति को सौंपा जाएगा। समिति की सिफारिशों के आधार पर सदन उचित कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर आरोप सही पाए गए तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

लोकसभा स्पीकर ने साफ शब्दों में कहा कि हर सांसद को सदन की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वाले सदस्य को उदाहरणात्मक सजा भी दी जा सकती है। यहां तक कि किसी सांसद की सदस्यता भी जा सकती है। उनका यह बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि संसद परिसर में अनुशासन को लेकर अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

गौरतलब है कि शीतकालीन सत्र के दौरान बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने तृणमूल कांग्रेस के एक सांसद पर सदन के अंदर खुलेआम वेपिंग करने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी याद दिलाया था कि देश में ई-सिगरेट पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। इसके बाद अनुराग ठाकुर ने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर लोकसभा स्पीकर ने जांच के आदेश दिए।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बजट को रविवार के दिन पेश करने का फैसला सरकार की कार्यसंस्कृति और प्राथमिकताओं को दर्शाता है। वहीं, संसद की गरिमा और अनुशासन को लेकर स्पीकर का सख्त रुख आने वाले समय में सांसदों के आचरण पर गहरा असर डाल सकता है।

कुल मिलाकर, एक तरफ जहां रविवार को पेश होने वाला बजट ऐतिहासिक होने जा रहा है, वहीं दूसरी ओर संसद में अनुशासन, नियमों के पालन और जवाबदेही को लेकर संदेश भी साफ है। आने वाले दिन न सिर्फ आर्थिक नीतियों के लिहाज से अहम होंगे, बल्कि संसदीय परंपराओं के लिहाज से भी कई नई मिसालें देखने को मिल सकती हैं।

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