
Indian Idol 3 Winner Prashant Tamang Death: भारतीय संगीत और मनोरंजन जगत के लिए यह एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर है। इंडियन आइडल सीजन 3 के विजेता और लोकप्रिय गायक प्रशांत तमांग का 43 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उनकी मौत संभावित कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई है। इस खबर की पुष्टि उनके करीबी दोस्त और इंडियन आइडल के सह-प्रतियोगी भावेन धनक ने की है।
भावेन धनक ने इंडिया टुडे से बातचीत में बताया कि प्रशांत तमांग का निधन आज सुबह दिल्ली में हुआ। उन्होंने कहा कि यह सब अचानक हुआ है, इसलिए अभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। परिवार और दोस्तों को अभी अंतिम संस्कार से जुड़ी औपचारिक जानकारियों का इंतजार है। प्रशांत के अचानक चले जाने से उनके चाहने वालों और इंडस्ट्री के लोगों में गहरा सदमा है।
दिल्ली पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि प्रशांत तमांग को उनकी पत्नी गीता थापा इलाज के लिए माता चानन देवी अस्पताल, जनकपुरी लेकर पहुंचीं, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, परिवार ने किसी भी तरह की आशंका या संदेह से इनकार किया है। बताया गया कि प्रशांत ने रात में सामान्य रूप से भोजन किया था और ठीक से सोए थे, लेकिन सुबह वह उठ नहीं पाए।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को दीन दयाल उपाध्याय (DDU) अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। साथ ही, क्राइम टीम ने उनके निवास स्थान का निरीक्षण भी किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
प्रशांत तमांग के निधन की खबर सामने आते ही संगीत जगत, टीवी इंडस्ट्री और उनके फैंस में शोक की लहर दौड़ गई। उनके करीबी दोस्त भावेन धनक ने भावुक होकर कहा कि इंडियन आइडल के दिनों में वे दोनों रूममेट थे और प्रशांत बेहद सरल, विनम्र और दिल से अच्छे इंसान थे। उन्होंने कहा, “हम सब आज उन्हें बहुत मिस करेंगे। वह एक बेहतरीन कलाकार ही नहीं, बल्कि शानदार इंसान भी थे।”
भावेन ने यह भी बताया कि आज मुंबई में इंडियन आइडल सीजन 3 के कुछ प्रतियोगियों की मुलाकात तय थी, लेकिन दिल्ली में होने के कारण प्रशांत ने इसमें शामिल होने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा कि अब सभी दोस्त मिलकर प्रशांत तमांग की विरासत और यादों को सेलिब्रेट करेंगे।
इस दुखद खबर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि प्रशांत तमांग का अचानक और असमय निधन बेहद दुखद है। उन्होंने प्रशांत की दार्जिलिंग से जुड़ी जड़ों और कोलकाता पुलिस से उनके पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए उन्हें बंगाल के लिए खास बताया।
इंडियन आइडल 3 के एक और फाइनलिस्ट अमित पॉल ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया। अमित ने बताया कि उन्हें सुबह प्रशांत की सास का संदेश मिला था, जिसमें उन्होंने तुरंत बात करने को कहा। कॉल करने पर उन्हें यह दुखद समाचार मिला। अमित इस समय भारत से बाहर हैं, लेकिन उन्होंने ही यह खबर बाकी दोस्तों तक पहुंचाई।
अमित पॉल ने कहा कि प्रशांत तमांग उन सबसे अच्छे इंसानों में से एक थे जिन्हें उन्होंने कभी जाना। उन्होंने कहा कि प्रशांत ने रीजनल और नेपाली संगीत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वह कभी भी केवल कमर्शियल सफलता के पीछे नहीं भागे, बल्कि वही काम किया जिस पर उन्हें विश्वास था। यही बात उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाती थी।
प्रशांत तमांग के निजी जीवन की बात करें तो उन्होंने वर्ष 2011 में गीता थापा से विवाह किया था। उनकी एक बेटी है, आरिया, जो उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशी थी। परिवार के लिए यह क्षति अपूरणीय है।
हाल के वर्षों में प्रशांत ने अभिनय की दुनिया में भी कदम रखा था। उन्होंने वेब सीरीज ‘पाताल लोक सीजन 2’ में डेनियल लेचो के किरदार से दर्शकों का ध्यान खींचा था। उनकी अभिनय क्षमता की भी खूब सराहना हुई थी और लोग उनके इस नए सफर को लेकर उत्साहित थे।
इतना ही नहीं, प्रशांत तमांग हाल ही में सलमान खान की फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ की शूटिंग भी पूरी कर चुके थे। यह फिल्म 17 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली है और अब यह फिल्म उनके प्रशंसकों के लिए एक भावनात्मक विदाई के रूप में देखी जाएगी।
प्रशांत तमांग की कहानी संघर्ष, ईमानदारी और सच्ची प्रतिभा की मिसाल है। उन्होंने वर्ष 2007 में इंडियन आइडल सीजन 3 के लिए ऑडिशन दिया था, उस समय वे कोलकाता पुलिस में कांस्टेबल के रूप में कार्यरत थे। सीमित संसाधनों और फिल्मी दुनिया के किसी बड़े समर्थन के बिना, उनकी सादगी और आवाज़ ने देशभर के दर्शकों का दिल जीत लिया।
खासतौर पर दार्जिलिंग, गोरखा समुदाय और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में उन्हें जबरदस्त समर्थन मिला। इंडियन आइडल जीतने के बाद भी उन्होंने अपनी जमीन से जुड़ाव नहीं छोड़ा और संगीत के माध्यम से अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाते रहे।
उनके गाए हुए गीत जैसे ‘बीर गोरखाली’ और ‘असारे महिनामा’ आज भी गोरखा समुदाय के लिए सांस्कृतिक पहचान माने जाते हैं। ये गीत सिर्फ संगीत नहीं, बल्कि भावनाओं और आत्मसम्मान की अभिव्यक्ति थे।
प्रशांत तमांग का यूं अचानक चले जाना न सिर्फ उनके परिवार और दोस्तों के लिए, बल्कि पूरे भारतीय संगीत जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उनकी आवाज़, उनकी सादगी और उनका संघर्ष हमेशा लोगों को प्रेरित करता रहेगा।



