
Parasakthi Movie Review: तमिल सिनेमा के लिए साल 2026 की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पोंगल के मौके पर रिलीज़ होने वाली दो बड़ी फिल्मों को लेकर विवाद सामने आया, जिससे फिल्म इंडस्ट्री और दर्शकों दोनों में निराशा देखने को मिली। एक ओर विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म Jana Nayagan अब भी अनिश्चितता में फंसी हुई है, वहीं दूसरी ओर अभिनेता शिवकार्तिकेयन की 25वीं फिल्म Parasakthi आखिरकार कई अड़चनों के बाद सिनेमाघरों तक पहुंच पाई।
Parasakthi को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से मंजूरी मिलने में कई दिन लग गए। बोर्ड की ओर से फिल्म में लगभग 20 बदलाव सुझाए गए, जिन्हें लागू करने के बाद ही इसे रिलीज़ की अनुमति दी गई। इसके चलते फिल्म की रिलीज़ तय तारीख से टल गई थी, लेकिन आखिरकार 10 जनवरी को यह फिल्म थिएटर में रिलीज़ हुई।
फिल्म के पहले शो को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्सुकता देखने को मिली। NDTV की पत्रकार वसुधा वेणुगोपाल ने पहले शो के दौरान सिनेमाघरों में मौजूद दर्शकों से बात की और उनकी शुरुआती प्रतिक्रियाएं दर्ज कीं। कई दर्शकों ने फिल्म की कहानी, अभिनय और ऐतिहासिक संदर्भ की सराहना की, जबकि कुछ ने इसकी धीमी गति और राजनीतिक संदर्भों को लेकर मिली-जुली राय दी।
Parasakthi का निर्देशन सुधा कोंगरा ने किया है, जो इससे पहले भी संवेदनशील और मजबूत विषयों पर फिल्में बना चुकी हैं। यह फिल्म 1960 के दशक में तमिलनाडु में हुए हिंदी विरोधी आंदोलनों की पृष्ठभूमि पर आधारित है। उस दौर का राजनीतिक और सामाजिक तनाव फिल्म की कहानी का मुख्य आधार है, जिसे एक ऐतिहासिक ड्रामा के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
शिवकार्तिकेयन के करियर की यह 25वीं फिल्म उनके लिए बेहद खास मानी जा रही है। उन्होंने इस फिल्म में एक गंभीर और चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाई है, जो उनकी पिछली व्यावसायिक फिल्मों से काफी अलग है। दर्शकों का एक वर्ग मानता है कि यह फिल्म शिवकार्तिकेयन के अभिनय करियर में एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।
हालांकि, CBFC के साथ हुए विवाद ने फिल्म की रिलीज़ से पहले ही सुर्खियां बटोर ली थीं। बताया जा रहा है कि फिल्म में कुछ संवाद, दृश्य और ऐतिहासिक प्रस्तुतिकरण को लेकर आपत्तियां जताई गई थीं। मेकर्स ने लगभग 20 बदलाव स्वीकार किए, जिसके बाद जाकर फिल्म को सर्टिफिकेट मिला। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सेंसरशिप और रचनात्मक स्वतंत्रता पर बहस छेड़ दी है।
दर्शकों की प्रतिक्रियाओं की बात करें तो पहले शो में शामिल कई लोगों ने कहा कि फिल्म साहसी है और एक महत्वपूर्ण दौर को सामने लाने की कोशिश करती है। कुछ दर्शकों ने इसे “सोचने पर मजबूर करने वाली फिल्म” बताया, जबकि कुछ ने कहा कि यह हर वर्ग के दर्शकों के लिए नहीं है। फिर भी, ज्यादातर लोग इस बात पर सहमत दिखे कि फिल्म का विषय मजबूत है और इसे गंभीरता से देखा जाना चाहिए।
तमिल सिनेमा के लिए यह पोंगल सीजन उतना सफल नहीं रहा, जितनी उम्मीद की जा रही थी। Jana Nayagan का रिलीज़ न हो पाना और Parasakthi का विवादों में फंसना इंडस्ट्री के लिए एक झटका माना जा रहा है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह की देरी और विवाद बॉक्स ऑफिस पर असर डाल सकते हैं, लेकिन कंटेंट मजबूत होने पर फिल्म लंबी रेस का घोड़ा भी साबित हो सकती है।
सोशल मीडिया पर भी Parasakthi को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर #ParasakthiMovie, #Sivakarthikeyan25 और #CBFCControversy जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। कुछ यूजर्स फिल्म की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ सेंसर बोर्ड के फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं।
कुल मिलाकर, Parasakthi सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक राजनीतिक और सामाजिक बयान के रूप में देखी जा रही है। यह फिल्म दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ इतिहास के एक अहम दौर से रूबरू कराती है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन करती है और क्या यह विवादों से ऊपर उठकर दर्शकों का दिल जीत पाती है।



