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दुबई एयरशो में कैसे हुआ Tejas Jet Crash? जानें क्रैश के चौंकाने वाले आखिरी 60 सेकंड और क्या बोले विशेषज्ञ

Tejas Jet Crash: दुबई एयरशो 2025 का शुक्रवार का दिन भारतीय वायुसेना और देश की स्वदेशी रक्षा तकनीक के लिए एक दुखद हादसे का गवाह बन गया। दोपहर 2:08 बजे (लोकल टाइम), इंडियन एयर फ़ोर्स का हल्का लड़ाकू विमान Tejas (LCA Tejas) जब अपनी शानदार उड़ान का प्रदर्शन कर रहा था, तभी कुछ ही सेकंड में स्थिति नाटकीय रूप से बदल गई। हवा में करतब दिखा रहा Tejas अचानक असंतुलित दिखाई दिया और देखते ही देखते जमीन की ओर तेज़ी से गिरने लगा। कुछ ही पलों बाद जोरदार धमाका हुआ और दुर्घटना स्थल से काला धुआँ उठना शुरू हो गया।

इस हादसे में IAF के पायलट की मृत्यु की पुष्टि की गई। तेजस जैसे सुरक्षित माने जाने वाले विमान के गिरने ने हर किसी को हैरानी में डाल दिया है। यह तेजस के 24 वर्षों के इतिहास में सिर्फ दूसरी दुर्घटना है, इसलिए यह घटना अपने आप में बेहद गंभीर है।

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है—
तेजस आखिर क्रैश कैसे हुआ?
इसी सवाल का जवाब खोजने के लिए विशेषज्ञों ने तेजस के आखिरी 60 सेकंड का विश्लेषण किया है।


तेजस के आखिरी 60 सेकंड — क्या हुआ था हवा में?

विशेषज्ञों के मुताबिक, पायलट एक ऐसा हवाई करतब कर रहे थे जिसे “बैरेल रोल” (Barrel Roll) कहा जाता है। यह एक ऐसा manoeuvre है जिसमें विमान 360 डिग्री घूमते हुए अपनी दिशा बनाए रखता है। इस स्टंट के दौरान कुछ सेकंड के लिए विमान उल्टा हो जाता है और फिर अपनी पोजिशन में लौट आता है।

हादसे वाले दिन तेजस एक सटीक लूप manoeuvre कर रहा था —

  • पहले तेज़ी से ऊंचाई पकड़ना

  • फिर उल्टा होना

  • और एक नियंत्रित ढलान के साथ नीचे की ओर आना

इसके बाद विमान को फिर से ऊपर उठ जाना चाहिए था। लेकिन वह आखिरी चरण हुआ ही नहीं। विमान नीचे की ओर झुकता चला गया और पायलट उसे खींचकर ऊपर नहीं ले जा सके।

यही वह पल था जिसने हादसे की दिशा तय की।


क्या इंजन फेल हुआ था? विशेषज्ञों की राय

हालांकि भारतीय वायुसेना ने अभी तक आधिकारिक रूप से किसी भी कारण की घोषणा नहीं की है, मगर विशेषज्ञों ने शुरुआती विश्लेषण में दो संभावनाएँ बताई हैं:

1. इंजन फ्लेमआउट (Engine Flameout)

यह स्थिति तब होती है जब विमान का इंजन अचानक काम करना बंद कर दे। तेजस के केस में अगर manoeuvre के दौरान इंजन ने पावर लॉस कर दिया, तो ऐसे में पायलट के पास प्रतिक्रिया करने के लिए कुछ ही सेकंड बचे होंगे।

2. कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी

यदि कंट्रोल सरफेस (रडर, एलीवेटर आदि) में किसी तरह की देर या खराबी आई हो, तो विमान अपनी तय दिशा में नहीं जा पाता। ऐसा होने पर पायलट चाहे जितना प्रयास कर ले, विमान को ऊपर खींचना मुश्किल हो जाता है।

3. G-Force का अचानक बढ़ना

अगर manoeuvre के दौरान तेज G-force बनी हो, तो विमान की ऊंचाई पर्याप्त न होने पर रिकवरी मुश्किल हो सकती है।

हालांकि इनमें से कौन-सा कारण इस दुर्घटना का मूल कारण है, इसकी पुष्टि केवल वायुसेना की विस्तृत जांच के बाद ही होगी।


तेजस: भारत का गौरव — और क्यों यह क्रैश चौंकाने वाला है

तेजस को भारत का पहला स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) माना जाता है। बेंगलुरु स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने इसकी डिजाइन और निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

24 साल की सेवा में तेजस का सुरक्षा रिकॉर्ड लगभग बेहतरीन रहा है। यह विमान कई अंतरराष्ट्रीय एयरशो में अपने प्रदर्शन से दुनिया का ध्यान खींच चुका है।

हालांकि तेजस का ढांचा और तकनीक भारत में विकसित हुई है, लेकिन इसके इंजन अमेरिका की कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) से लिए जाते हैं।

इसी वजह से जब सरकार ने एक दिन पहले दावा किया था कि तेजस में किसी प्रकार की ऑयल लीकेज की घटना पूरी तरह अफवाह है, तो उसका स्वागत कई लोगों ने किया था। लेकिन अगले ही दिन सामने आया यह हादसा कई सवाल खड़े कर गया।


IAF के लिए तेजस क्यों महत्वपूर्ण है?

भारतीय वायुसेना अपनी पुरानी पड़ चुकी MiG-21 फ्लीट को पूरी तरह से रिटायर कर चुकी है। ऐसे में तेजस वायुसेना की रीढ़ बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

  • तेजस Mk1 पहले ही स्क्वाड्रन में शामिल है

  • Mk1A और Mk2 मॉडल वायुसेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किए जा रहे हैं

  • भविष्य में तेजस भारतीय स्क्वाड्रन की संख्या बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा

इसीलिए इस हादसे ने पूरे रक्षा समुदाय में चिंता बढ़ा दी है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि एक हादसा किसी भी विमान कार्यक्रम को परिभाषित नहीं करता, और तेजस अपनी श्रेणी में दुनिया के सबसे सुरक्षित और सक्षम विमानों में शामिल है।


हादसे की जांच—आगे क्या?

IAF ने इस मामले में कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के गठन की पुष्टि की है।
जांच में निम्न बातों पर फोकस रहेगा:

  • ब्लैक बॉक्स रिकॉर्डिंग

  • फ्लाइट डेटा

  • पायलट का कम्युनिकेशन

  • विमान की टेक्निकल हिस्ट्री

  • इंजन और कंट्रोल सिस्टम की कार्यप्रणाली

  • हादसे के वीडियो फुटेज का विश्लेषण

जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तेजस के साथ क्या तकनीकी या परिचालनिक समस्या आई थी।


देश का मनोबल और तेजस का भविष्य

तेजस सिर्फ एक विमान नहीं, भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
दुनिया में बहुत कम देश ऐसे हैं जो अपने लड़ाकू विमान खुद बनाते हैं — भारत उनमें से एक है।

इस दुर्घटना से पूरा देश दुखी है, लेकिन साथ ही यह उम्मीद भी है कि जांच के बाद तेजस को और मजबूत बनाया जाएगा। यह हादसा तेजस कार्यक्रम की गति को रोकने वाला नहीं होगा, बल्कि इसे और उन्नत बनाने में मदद करेगा।

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