
भारत के शेयर बाजार में कल एक और बड़ा आईपीओ अपनी एंट्री दर्ज कराने जा रहा है। Tenneco Clean Air IPO बुधवार, 19 नवंबर 2025 को BSE और NSE दोनों एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होने वाला है। निवेशकों में इस लिस्टिंग को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, खासकर तब जब ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगातार मजबूत संकेत दे रहा है। कंपनी के शेयर कल सुबह 10:00 बजे से ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे और इससे पहले विशेष प्री-ओपन सेशन में पहला ट्रेड प्राइस तय किया जाएगा।
IPO बिडिंग और आवंटन प्रक्रिया पूरी
इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ की बोली लगाने की प्रक्रिया 12 नवंबर से 14 नवंबर 2025 तक चली थी। आखिरी दिन तक माहौल इतना गर्म रहा कि IPO ने उम्मीद से कहीं ज्यादा सब्सक्रिप्शन दर्ज किया।
आवंटन की प्रक्रिया 17 नवंबर को पूरी की गई और सफल निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर 18 नवंबर को क्रेडिट कर दिए गए। जिन आवेदकों को अलॉटमेंट नहीं मिल पाया, उनके लिए रिफंड की प्रक्रिया भी आज पूरी होने की उम्मीद है।
इस तरह, कंपनी ने एक सुचारू और पारदर्शी अलॉटमेंट प्रोसेस को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसके बाद अब पूरा ध्यान लिस्टिंग डे पर है।
सब्सक्रिप्शन में शानदार प्रदर्शन
अगर सब्सक्रिप्शन आंकड़ों पर नजर डालें तो Tenneco Clean Air की मांग उम्मीद से कहीं अधिक रही। कुल मिलाकर यह IPO 61.79 गुना सब्सक्राइब हुआ, जो इसकी मजबूत ब्रांड वैल्यू और निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
QIB (Qualified Institutional Buyers) सबसे आगे रहे और उनके हिस्से को रिकॉर्ड 174.78 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। यह दिखाता है कि बड़ी वित्तीय संस्थाओं ने कंपनी के बिजनेस मॉडल और भविष्य की ग्रोथ संभावनाओं पर पूरा भरोसा जताया है।
दूसरी ओर, Non-Institutional Investors (NIIs) यानी HNI निवेशकों ने भी अच्छा उत्साह दिखाया और उनका हिस्सा 42 गुना तक भरा।
रिटेल निवेशकों का रिस्पॉन्स तुलनात्मक रूप से कम रहा, लेकिन फिर भी यह सेगमेंट 5.37 गुना सब्सक्राइब हुआ।
कुल मिलाकर IPO की ये जबरदस्त मांग बताती है कि मार्केट में इस कंपनी को लेकर काफी सकारात्मक माहौल है।
GMP ने दिए मजबूत संकेत
लिस्टिंग के एक दिन पहले Grey Market Premium (GMP) की चर्चा और भी तेज हो गई है।
फिलहाल GMP ₹115 प्रति शेयर के स्तर पर चल रहा है, जो बताता है कि अनौपचारिक बाजार में लोग इस IPO के लिए काफी प्रीमियम देने को तैयार हैं।
अगर हम GMP को जोड़कर देखें तो शेयर के उच्चतम प्राइस बैंड ₹397 पर आधारित अनुमानित लिस्टिंग मूल्य लगभग ₹512 तक जा सकता है। यह करीब 28.97% का अनुमानित लिस्टिंग गेन दर्शाता है।
GMP हमेशा लिस्टिंग डे के वास्तविक भाव की गारंटी नहीं देता, लेकिन यह मार्केट सेंटिमेंट का एक महत्वपूर्ण संकेतक जरूर होता है। और वर्तमान सेंटिमेंट साफ तौर पर पॉजिटिव दिख रहा है।
IPO का आकार और प्रमुख विवरण
Tenneco Clean Air का यह IPO पूरी तरह Offer For Sale (OFS) आधारित है। कुल मिलाकर ₹3,600 करोड़ के मूल्य के शेयर बाजार में पेश किए गए, जिनकी संख्या 9.07 करोड़ शेयर रही।
कंपनी ने इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹378 से ₹397 प्रति शेयर रखा था।
रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश का स्तर काफी आसान रखा गया, जहां एक लॉट में 37 शेयर शामिल हैं। यानी एक रिटेल निवेशक को न्यूनतम ₹14,689 का निवेश करना पड़ा।
कंपनी द्वारा नियामकीय नियमों के पालन और पारदर्शिता को बेहतर बनाए रखने से निवेशकों में भी भरोसा बढ़ा है।
कल की लिस्टिंग से क्या उम्मीद करें?
मार्केट विशेषज्ञों की मानें तो Tenneco Clean Air की लिस्टिंग मजबूत रहने की संभावना है।
कई कारण इसे सपोर्ट कर रहे हैं:
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उच्च सब्सक्रिप्शन, खासकर QIBs द्वारा
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GMP का मजबूत रहना
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ऑटो उत्सर्जन और क्लीन टेक सेक्टर में बढ़ते अवसर
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कंपनी की मजबूत पैरेन्ट संस्थानिक उपस्थिति
अगर बाजार का माहौल स्थिर रहा तो यह शेयर कल एक शानदार शुरुआत कर सकता है। हालांकि निवेशकों को यह भी याद रखना चाहिए कि लिस्टिंग के बाद मुनाफावसूली का दबाव भी देखा जा सकता है, जो शुरुआती घंटों में उतार-चढ़ाव पैदा कर सकता है।
कंपनी के बिजनेस मॉडल को लेकर सकारात्मकता
Tenneco Clean Air मुख्य रूप से ऑटो सेक्टर में क्लीन एयर सिस्टम्स और उत्सर्जन नियंत्रण तकनीक विकसित करती है।
इलेक्ट्रिक वाहनों के दौर में भी उत्सर्जन तकनीक की मांग बनी हुई है क्योंकि भारत में अभी भी भारी वाहन, ट्रक और पेट्रोल/डीजल आधारित वाहनों की संख्या काफी अधिक है।
कंपनी की वैश्विक उपस्थिति और तकनीकी दक्षता इसे प्रतिस्पर्धा में आगे रखती है। शायद यही वजह है कि QIB निवेशक इस IPO में भारी संख्या में जुटे।
निवेशकों के लिए अंतिम सलाह
IPO में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए यह अच्छा संकेत है कि लिस्टिंग प्रीमियम की उम्मीद बढ़ गई है।
लेकिन जो लोग सेकेंडरी मार्केट में एंट्री लेने का विचार कर रहे हैं, उन्हें कल शुरुआती घंटे देख-समझकर ही निर्णय लेना चाहिए।
लिस्टिंग के दौरान वोलैटिलिटी बढ़ सकती है। लंबे समय के निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, मार्जिन, कर्ज और भविष्य की रणनीतियों पर नजर रखनी चाहिए।



