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बिहार चुनाव 2025: NDA की ऐतिहासिक जीत पर PM मोदी का बड़ा बयान

बिहार चुनाव 2025– बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव ला दिया है। चुनावी नतीजे आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार शाम इसे सुशासन, विकास, सामाजिक न्याय और लोकहित की जीत बताया। उन्होंने बिहार की जनता को इस ऐतिहासिक जनादेश के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि लोगों ने यह साफ कर दिया है कि वे स्थिर सरकार, विकास की गति और मजबूत नेतृत्व पर भरोसा रखते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखा, “आज सुशासन की विजय हुई है। विकास की जीत हुई है। सामाजिक न्याय और जनकल्याण की भावना ने फिर खुद को साबित किया है। मैं बिहार की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने NDA को एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जीत देकर हमें नई ऊर्जा के साथ सेवा करने का अवसर दिया है।”

उन्होंने आगे कहा कि यह जनादेश केवल एक राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि बिहार के उज्ज्वल भविष्य का समर्थन है। यह लोगों का भरोसा है कि राज्य में विकास की रफ्तार जारी रहे और जनता से जुड़े मुद्दों पर निर्णायक कदम उठते रहें।


NDA की रिकॉर्ड जीत—204 सीटों पर बढ़त

शुरुआती रुझानों से ही साफ हो गया था कि इस बार का चुनाव NDA के लिए बेहद खास रहने वाला है। शाम 5:30 बजे तक मिले आंकड़ों के अनुसार, NDA 243 में से 204 सीटों पर आगे था, जो राज्य में एक बड़ी राजनीतिक लहर का संकेत देता है। भाजपा, जदयू और उनके छोटे सहयोगियों ने मिलकर इस चुनाव को एकतरफा बना दिया।

इस नतीजे के साथ ही यह भी लगभग तय हो गया है कि नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे। यह उनका लगातार पांचवां कार्यकाल होगा और कुल मिलाकर दसवां मौका जब वे बिहार की कमान संभालेंगे। इस तरह वे बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता के रूप में अपना रिकॉर्ड और मजबूत करते हैं।


महागठबंधन का प्रदर्शन कमजोर, सिर्फ 33 सीटों पर बढ़त

दूसरी ओर, महागठबंधन को इस चुनाव में गहरा झटका लगा है। रुझानों में केवल 33 सीटों पर बढ़त मिली है। RJD के नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए यह नतीजे निश्चित रूप से निराशाजनक हैं, क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने दावा किया था कि जनता बदलाव चाहेगी। लेकिन नतीजों ने यह साबित कर दिया कि बिहार की बड़ी आबादी विकास के एजेंडे और स्थिर नेतृत्व को प्राथमिकता दे रही है।


जन सुराज पार्टी का डेब्यू फीका रहा

चुनाव में काफी चर्चा में रही प्रशांत किशोर (PK) की नई पार्टी जन सुराज पार्टी भी कोई खास प्रभाव नहीं डाल सकी। जिस उम्मीद से PK ने मैदान में उतरकर राजनीति में अपनी औपचारिक शुरुआत की थी, वह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी।
रुझानों के अनुसार, पार्टी अपने सभी सीटों पर पीछे थी और एक भी सीट पर जीत या कड़ी टक्कर की स्थिति नहीं दिखी।


मुख्य सीटों पर बड़े नेताओं के प्रदर्शन

  • तेजस्वी यादव ने अपनी परंपरागत सीट राघोपुर को बरकरार रखा और 11,000 से ज़्यादा वोटों से जीत हासिल की।

  • NDA की ओर से दोनों उपमुख्यमंत्री—सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा—अपनी-अपनी सीटों पर आरामदायक बढ़त बनाए हुए थे।

  • वहीं, कांग्रेस के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार अपनी सीट पर पीछे चल रहे थे।

इन नतीजों से स्पष्ट है कि बड़े स्तर पर वोटर NDA की ओर झुके हैं, और विपक्ष अपनी पकड़ मजबूत करने में नाकाम रहा।


सबसे अधिक मतदान—67.13% वोटिंग के साथ नया रिकॉर्ड

8 बजे सुबह से शुरू हुई मतगणना ने कई दिलचस्प आंकड़े सामने लाए। इस बार बिहार ने अपने चुनावी इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाते हुए 67.13% मतदान किया, जो यह दिखाता है कि जनता लोकतंत्र में भागीदारी के लिए बेहद उत्साहित थी।
दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को हुए इस चुनाव में मतदाताओं का उत्साह साफ दिखाई दिया।


एग्जिट पोल हुए एकदम सही साबित

ज्यादातर एग्जिट पोल्स ने NDA को भारी जीत का अनुमान दिया था, जिसे विपक्ष ने शुरू में नकार दिया था। RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा था कि वास्तविक नतीजे महागठबंधन के पक्ष में होंगे।
लेकिन जब मतगणना शुरू हुई, एग्जिट पोल के अनुमान सटीक साबित हुए, और NDA ने रुझानों में ही मजबूत बढ़त बना ली।


इस नतीजे का बिहार राजनीति पर क्या असर होगा?

2025 का यह चुनाव सिर्फ एक चुनाव नहीं बल्कि वोटर के मूड और प्राथमिकताओं का बड़ा संकेत भी है।
कुछ प्रमुख प्रभाव इस प्रकार होंगे:

  1. NDA की स्थिरता और मजबूत होती पकड़
    बिहार की जनता ने लगातार तीसरी बार NDA को भारी जनादेश देकर उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया है।

  2. नीतीश कुमार की नेतृत्व क्षमता पर भरोसा
    आलोचनाओं के बावजूद, नीतीश कुमार को अब तक का सबसे बड़ा जनादेश मिला है, जो यह दिखाता है कि वे अभी भी बिहार की राजनीति का केंद्र हैं।

  3. महागठबंधन के लिए आत्ममंथन का समय
    खराब प्रदर्शन बताता है कि जनता की अपेक्षाएँ पूरी नहीं हो पा रही हैं।

  4. नई पार्टियों के लिए सख्त संदेश
    PK की जन सुराज पार्टी का खराब प्रदर्शन बताता है कि बिहार की राजनीति में पैर जमाने के लिए और वक्त व रणनीति की ज़रूरत है।


PM मोदी का संदेश—नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने का इशारा

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि यह जीत उन्हें और NDA को बिहार के लिए नए संकल्पों पर काम करने की शक्ति देती है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में बिहार में विकास के बड़े कामों को तेज़ी से आगे बढ़ाया जाएगा—चाहे वह सड़कें हों, रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य या सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दे।

उनका कहना था कि यह जनादेश लोगों की उम्मीदों को पूरा करने का दायित्व भी देता है, और सरकार उस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।

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