
TCS CEO K Krithivasan: क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आने वाले समय में IT इंडस्ट्री को खत्म कर देगा? यह सवाल पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में है। लेकिन अब इस पर देश की सबसे बड़ी IT कंपनियों में से एक Tata Consultancy Services (TCS) के CEO के. कृष्णन (K Krithivasan) ने साफ जवाब दिया है। उनका कहना है कि AI से IT सेक्टर खत्म नहीं होगा, बल्कि इसकी जरूरत और बढ़ेगी।
AI से खत्म नहीं होगी IT इंडस्ट्री: TCS CEO का बयान
TCS के CEO के. कृष्णन का मानना है कि भारत की IT इंडस्ट्री हमेशा से मजबूत रही है और हर दशक में इसे खत्म होने की भविष्यवाणी की गई, लेकिन यह हर बार और मजबूत होकर उभरी है। उन्होंने कहा कि यह मजबूती केवल लागत (cost advantage) की वजह से नहीं, बल्कि भारतीय IT प्रोफेशनल्स के गहरे स्किल्स और एक्सपर्टीज की वजह से है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनियाभर में AI को लेकर डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। कई लोग मानते हैं कि AI आने वाले वर्षों में लाखों नौकरियां खत्म कर सकता है, लेकिन TCS का नजरिया इससे बिल्कुल अलग है।
AI बनेगा अवसर, खतरा नहीं
TCS के COO आर्थी सुब्रमणियन ने भी AI को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण रखा है। उन्होंने कहा कि AI, खासकर जनरेटिव AI (GenAI), IT इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है।
उन्होंने बताया कि कई पुरानी और जटिल IT सिस्टम, जैसे कि मेनफ्रेम्स, जिन्हें दशकों से इस्तेमाल किया जा रहा है, उन्हें मॉडर्न बनाने में AI बेहद मददगार साबित हो सकता है। इससे न केवल टेक्निकल डेब्ट कम होगा बल्कि कंपनियों की प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी।
क्यों बढ़ेगी IT कंपनियों की डिमांड?
जैसे-जैसे AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है, कंपनियों के लिए इसे अपनाना आसान नहीं है। नई टेक्नोलॉजी को समझना, उसे लागू करना और उससे बिजनेस वैल्यू निकालना एक जटिल प्रक्रिया है।
यहीं पर IT कंपनियों की भूमिका और अहम हो जाती है। TCS CEO के अनुसार, एंटरप्राइज कंपनियों को AI को अपनाने में मदद की जरूरत पड़ेगी और IT सर्विस कंपनियां इस गैप को भरेंगी।
राजस्व में गिरावट के बावजूद मजबूत स्थिति
हाल ही में TCS ने FY26 में 2.4% की राजस्व गिरावट दर्ज की है, जो कि 2004 में पब्लिक होने के बाद पहली बार हुआ है। यह गिरावट वैश्विक स्तर पर टेक खर्च में कमी के कारण आई है।
हालांकि, इस गिरावट के बावजूद कंपनी ने 40.7 बिलियन डॉलर का अब तक का सबसे बड़ा टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) हासिल किया। सिर्फ चौथी तिमाही में ही कंपनी ने 12 बिलियन डॉलर के नए कॉन्ट्रैक्ट साइन किए।
वैश्विक चुनौतियों के बीच AI निवेश बढ़ रहा
TCS CEO ने बताया कि भले ही दुनिया में जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन कंपनियां AI ट्रांसफॉर्मेशन में निवेश कर रही हैं। फैसले लेने की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में तेज हो रही है।
इसका मतलब साफ है कि AI केवल एक ट्रेंड नहीं है, बल्कि यह भविष्य की दिशा तय कर रहा है।
भर्ती में भी दिखी मजबूती
TCS ने FY26 में करीब 44,000 ट्रेनी हायर किए और अगले साल के लिए 25,000 ऑफर दिए। यह दिखाता है कि कंपनी भविष्य के लिए तैयार है और AI के दौर में भी टैलेंट की जरूरत बनी रहेगी।
हालांकि, पिछले साल कंपनी ने करीब 2% कर्मचारियों की कटौती भी की थी, जो कि इंडस्ट्री में हो रहे बदलावों को दर्शाता है।
सबसे बड़ा अधिग्रहण: Coastal Cloud डील
TCS ने हाल ही में US की Salesforce कंसल्टिंग कंपनी Coastal Cloud को 700 मिलियन डॉलर में खरीदा है। यह पिछले एक दशक में कंपनी का सबसे बड़ा अधिग्रहण है।
इस डील से TCS को अपने क्लाउड और AI सर्विसेज को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
IT इंडस्ट्री का भविष्य कैसा रहेगा?
अगर TCS के बयान को देखा जाए तो यह साफ है कि IT इंडस्ट्री खत्म नहीं होने वाली, बल्कि यह AI के साथ और तेजी से विकसित होगी।
AI के कारण:
- नई नौकरियां पैदा होंगी
- स्किल्स की मांग बढ़ेगी
- कंपनियों को एक्सपर्ट्स की जरूरत पड़ेगी
निष्कर्ष
AI को लेकर डर जरूर है, लेकिन TCS जैसे बड़े IT लीडर्स का मानना है कि यह इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा अवसर है। जैसे-जैसे कंपनियां AI को अपनाएंगी, IT सर्विस कंपनियों की जरूरत और बढ़ेगी।
इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि AI IT इंडस्ट्री का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।



