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Gold Rate Today: एक ही दिन में ₹71,000 तक सस्ता हुआ गोल्ड, क्या अब खरीदने का सही समय है?

Gold Rate Today: भारत में सोने की कीमतों में हाल ही में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है, जिसने निवेशकों और खरीदारों दोनों को चौंका दिया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले के बाद गोल्ड मार्केट में अचानक गिरावट आई है।

इस गिरावट को और तेज करने में त्योहारी सीजन की बिक्री ने भी अहम भूमिका निभाई है। चैत्र नवरात्रि, उगादी, गुड़ी पड़वा और ईद जैसे त्योहारों के दौरान कई निवेशकों ने मुनाफावसूली करते हुए सोना बेचना शुरू कर दिया, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ गया।


एक दिन में ₹71,000 तक गिरा सोना

दो ट्रेडिंग सेशनों के भीतर 24 कैरेट सोने में ₹78,000 प्रति 100 ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत ₹71,500 प्रति 100 ग्राम तक गिर गई है।

अगर प्रति ग्राम की बात करें तो 24 कैरेट सोना ₹15,742 से गिरकर ₹15,028 प्रति ग्राम पर आ गया है, यानी ₹714 की कमी। इसी तरह 22 कैरेट सोना ₹14,430 से घटकर ₹13,775 प्रति ग्राम हो गया है।

यह गिरावट हाल के समय में सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है।


आज के लेटेस्ट गोल्ड रेट (22K, 24K, 18K)

24 कैरेट सोने में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई है। 10 ग्राम का भाव ₹1,50,280 तक आ गया है, जबकि 100 ग्राम का रेट ₹15,02,800 पर पहुंच गया है।

वहीं 22 कैरेट सोना भी तेजी से नीचे आया है। 10 ग्राम का रेट ₹1,37,750 हो गया है और 100 ग्राम का भाव ₹13,77,500 पर आ गया है।

18 कैरेट सोना भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा। इसकी कीमत ₹11,807 से घटकर ₹11,271 प्रति ग्राम हो गई है।


ग्लोबल मार्केट में भी गिरा सोना

केवल भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में तेज गिरावट आई है। स्पॉट गोल्ड की कीमत 5% से ज्यादा गिरकर करीब $4,560 प्रति औंस तक पहुंच गई है, जो जनवरी के बाद का सबसे निचला स्तर है।

इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं, जिनमें ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, महंगाई का दबाव और वैश्विक तनाव शामिल हैं।


Fed के फैसले का क्या असर पड़ा?

Jerome Powell के नेतृत्व में Federal Reserve ने ब्याज दरों को 3.50% से 3.75% के बीच स्थिर रखने का फैसला लिया है।

इस फैसले से यह संकेत मिला है कि फिलहाल दरों में कटौती की संभावना कम है। साथ ही, अगर महंगाई बढ़ती है तो भविष्य में दरें बढ़ाई भी जा सकती हैं।

जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो निवेशक सोने जैसे गैर-व्याज वाले एसेट से पैसा निकालकर अन्य विकल्पों में निवेश करने लगते हैं। यही वजह है कि सोने की कीमतों में गिरावट आई।


MCX पर भी दिखा असर

भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। घरेलू बाजार में त्योहारी बिक्री और वैश्विक दबाव के चलते कीमतें कई हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि आने वाले समय में भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।


क्या ₹1,50,000 से नीचे जाएगा सोना?

कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार सोना फिलहाल कमजोर स्थिति में है। कीमतों का रेजिस्टेंस ₹1,50,000 के आसपास बना हुआ है, जबकि सपोर्ट ₹1,44,000 से ₹1,42,000 के बीच देखा जा रहा है।

LKP सिक्योरिटीज के एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी का कहना है कि शॉर्ट टर्म में गोल्ड की दिशा कमजोर और अस्थिर बनी रह सकती है।


निवेशकों के लिए क्या संकेत?

सोने की कीमतों में यह गिरावट निवेशकों के लिए एक संकेत हो सकती है। जो लोग लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा अवसर बन सकता है।

हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बाजार की स्थिति को समझकर ही निवेश करना चाहिए, क्योंकि वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं।


निष्कर्ष: गिरावट में छिपा अवसर?

भारत में सोने की कीमतों में आई यह बड़ी गिरावट कई कारणों का परिणाम है – फेड का फैसला, वैश्विक तनाव और घरेलू बाजार में बिक्री।

हालांकि यह गिरावट चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन यह उन लोगों के लिए एक अवसर भी है जो कम कीमत पर सोना खरीदना चाहते हैं।

आने वाले दिनों में बाजार का रुख पूरी तरह से ब्याज दरों, महंगाई और वैश्विक घटनाओं पर निर्भर करेगा।

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