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US Fed interest rate 2026: अचानक बढ़ी महंगाई ने बदल दी Fed की योजना!

US Fed interest rate 2026: फरवरी में थोक महंगाई (Wholesale Inflation) की उम्मीद से ज्यादा बढ़ोतरी ने निवेशकों और ट्रेडर्स के बीच एक नई चिंता पैदा कर दी है। हाल ही में जारी ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, निर्माता मूल्य सूचकांक (Producer Price Index – PPI) ने एक साल में सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की। इस खबर ने यह संकेत दिया कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व (Federal Reserve), इस साल ब्याज दरों में कटौती करने से बच सकता है।

PPI रिपोर्ट के अनुसार महंगाई में यह अचानक वृद्धि कई कारणों से हुई, जिनमें टैरिफ, इरान युद्ध और सेवा क्षेत्र में बढ़ते खर्च शामिल हैं। इस रिपोर्ट के प्रकाशन के कुछ ही घंटे पहले फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने अपनी नवीनतम ब्याज दरों की समीक्षा करने वाली बैठक की घोषणा की थी।


Fed की मौद्रिक नीति पर असर

रेमंड जेम्स के मुख्य अर्थशास्त्री Eugenio Aleman का कहना है कि फरवरी का थोक महंगाई आंकड़ा संभवतः फेड के लिए “होल्ड” यानी दरों को स्थिर रखने का निर्णय मजबूत करता है। उन्होंने आगे कहा, “हालांकि दरें यथावत रखी जा सकती हैं, लेकिन कमेटी का रुख अधिक सख्त यानी ‘हाईयर फॉर लॉन्गर’ की तरफ झुक सकता है। आने वाले महीनों में ऊर्जा महंगाई (Energy Inflation) की वापसी के कारण यह संभावना और बढ़ जाएगी।”

इससे पहले ट्रेडर्स जून और सितंबर में ब्याज दरों में कटौती की संभावना देख रहे थे। दिसंबर में एक और कटौती की संभावना को भी बाहर का विकल्प माना जा रहा था। फेड का लक्ष्य हमेशा स्थिर कीमतें और कम बेरोजगारी सुनिश्चित करना होता है, लेकिन हालिया घटनाओं ने इस योजना को चुनौती दी है।


भविष्य की दरों के लिए बदलती उम्मीदें

CME के FedWatch टूल के अनुसार, जो 30-दिन के फेड फंड्स फ्यूचर्स का उपयोग करके संभावनाओं की गणना करता है, जून में कटौती की संभावना अब केवल 18.4% रह गई है। जुलाई की संभावना 31.5% और सितंबर 43.6% तक गिर गई है।

दिसंबर में कटौती की संभावना अभी भी 60.5% है, लेकिन यह स्तर दर्शाता है कि ट्रेडर्स का भरोसा कमजोर है। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो 60% या उससे अधिक की संभावना के समय फेड कभी भी दरों में बदलाव कर सकता है, चाहे वह कटौती हो या बढ़ोतरी।

वर्तमान में, फेड फंड्स फ्यूचर्स 2026 के अंत तक 3.43% की दर की संभावना दिखा रहे हैं, जबकि वर्तमान स्तर 3.64% है। इसका मतलब यह है कि निवेशक भविष्य में थोड़ी कटौती की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन निश्चित नहीं हैं।


क्यों बनी दरों में कटौती मुश्किल

महंगाई के लगातार उच्च स्तर और वैश्विक घटनाक्रम जैसे कि इरान युद्ध, व्यापारिक टैरिफ और ऊर्जा लागत में वृद्धि ने फेड के लिए दरों को कम करना चुनौतीपूर्ण बना दिया है। अगर फेड दरों में जल्दी कटौती करता है, तो मुद्रास्फीति पर नियंत्रण कम हो सकता है।

हालांकि फेड के कुछ गवर्नर जैसे Stephen Miran और Christopher Waller ने तुरंत कटौती की वकालत की है, लेकिन कमेटी के बाकी सदस्य मौजूदा दरों को बनाए रखने के पक्ष में दिख रहे हैं, जब तक कि अर्थव्यवस्था की तस्वीर और स्पष्ट नहीं हो जाती।


वैश्विक घटनाओं का असर

महंगाई पर कई वैश्विक कारक भी असर डाल रहे हैं। टैरिफ और आयात-निर्यात बाधाओं से लागत बढ़ी है। इसके अलावा, इरान युद्ध ने ऊर्जा कीमतों को ऊंचा रखा है, जिससे उपभोक्ताओं और व्यवसायों पर अतिरिक्त दबाव आया है।

सेवा क्षेत्र में बढ़ती लागत ने भी महंगाई को बढ़ाया है। इन सब वजहों से फेड के लिए दरों को जल्दी कम करना जोखिम भरा हो गया है।


निवेशकों और ट्रेडर्स की प्रतिक्रिया

इन आंकड़ों के बाद फ्यूचर्स मार्केट में निवेशकों ने जून और जुलाई में कटौती की उम्मीद लगभग खत्म कर दी है। सितंबर में थोड़ी संभावना बनी हुई है। दिसंबर में कटौती की संभावना अभी भी बनी है, लेकिन ट्रेडर्स इसे लेकर असमंजस में हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि फेड की नीतियां अक्सर फ्यूचर्स और बाजार की धारणा पर असर डालती हैं। इस बार भी अगर फेड दरें स्थिर रखता है और “हाईयर फॉर लॉन्गर” का संकेत देता है, तो यह निवेशकों को लंबी अवधि के लिए सावधान रहने का संदेश देगा।


निष्कर्ष: महंगाई ने बदल दी फेड की राह

फरवरी का थोक महंगाई आंकड़ा यह स्पष्ट कर रहा है कि फेड इस साल जल्दी ब्याज दरों में कटौती करने की संभावना को कम कर रहा है। वैश्विक घटनाओं और घरेलू सेवा क्षेत्र की महंगाई ने फेड के हाथ को बाधित कर दिया है।

हालांकि कुछ गवर्नर कटौती के पक्ष में हैं, अधिकांश कमेटी अभी स्थिति को देखकर निर्णय लेने की स्थिति में हैं। निवेशकों और अर्थशास्त्रियों की नजरें अब फेड की अगली घोषणाओं पर टिक गई हैं।

फेड का रुख यह तय करेगा कि आने वाले महीनों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था किस दिशा में जाएगी, और महंगाई और रोजगार की नीति के बीच संतुलन कैसे बना रहेगा।

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