
Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को हल्की बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट के बाद निवेशकों का रुख थोड़ा सकारात्मक नजर आया, हालांकि शुरुआती कारोबार में बाजार काफी हद तक सपाट रहा।
सुबह लगभग 9:20 बजे तक BSE Sensex करीब 60 अंकों की बढ़त के साथ 78,266 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। वहीं Nifty 50 भी हल्की मजबूती के साथ लगभग 28 अंकों की बढ़त लेकर 24,289 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और वैश्विक बाजारों में सुधार की उम्मीदों ने निवेशकों की धारणा को मजबूत किया है।
बाजार की शुरुआत रही सपाट
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत काफी हद तक स्थिर रही। निवेशकों के बीच सतर्कता बनी हुई है क्योंकि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
शुरुआती कारोबार में बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया। हालांकि तेल की कीमतों में आई गिरावट से ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में हल्की खरीदारी देखने को मिली।
निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
GIFT Nifty से मिले थे कमजोर संकेत
बाजार खुलने से पहले ही संकेत मिल गए थे कि शुरुआत ज्यादा मजबूत नहीं रहने वाली है।
GIFT Nifty के शुरुआती रुझान भारतीय बाजार के लिए हल्की कमजोरी का संकेत दे रहे थे। इसमें लगभग 62 अंकों यानी करीब 0.25 प्रतिशत की गिरावट देखी गई थी।
हालांकि बाजार खुलने के बाद घरेलू निवेशकों की खरीदारी के चलते प्रमुख सूचकांक मामूली बढ़त में आ गए।
रुपया भी शुरुआती कारोबार में कमजोर
शेयर बाजार के साथ-साथ मुद्रा बाजार में भी हलचल देखने को मिली।
भारतीय रुपया शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले थोड़ा कमजोर हुआ। शुरुआती ट्रेडिंग में रुपया लगभग 7 पैसे गिरकर 91.92 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां रुपये की चाल को प्रभावित कर रही हैं।
मंगलवार को बाजार में आई थी मजबूत रिकवरी
बुधवार की सपाट शुरुआत से पहले मंगलवार को शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी।
लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद बाजार ने जोरदार वापसी की थी। उस दिन कारोबार खत्म होने तक Nifty 50 लगभग 233 अंक चढ़कर 24,261 पर बंद हुआ था। वहीं BSE Sensex करीब 636 अंक की बढ़त के साथ 78,202 के स्तर पर बंद हुआ था।
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट मानी जा रही है।
Brent Crude की कीमतों में बड़ी गिरावट
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में पिछले कुछ दिनों में बड़ा बदलाव देखा गया है।
अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क Brent Crude की कीमत हाल ही में लगभग 115 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई थी। लेकिन उसके बाद इसमें तेज गिरावट आई और यह 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत की गिरावट ने ऊर्जा आयात करने वाले देशों के लिए राहत का माहौल बनाया है।
भारत जैसे देशों के लिए यह खबर खासतौर पर सकारात्मक मानी जाती है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल आयात करता है।
वैश्विक बाजारों में भी आई तेजी
दुनिया भर के शेयर बाजारों में भी हाल के दिनों में तेजी देखने को मिली है।
वैश्विक निवेशकों के बीच उम्मीद जगी है कि मध्य पूर्व में चल रहे तनाव में जल्द कमी आ सकती है। इसी उम्मीद के चलते कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 2 से 7 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में संकेत दिया था कि ईरान से जुड़ा संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है। इस बयान के बाद निवेशकों की धारणा में सुधार देखने को मिला।
किन सेक्टरों के शेयरों में रही तेजी
तेल की कीमतों में गिरावट का असर भारतीय बाजार के कई सेक्टरों पर सकारात्मक रूप से पड़ा है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली क्योंकि सस्ता तेल परिवहन लागत को कम करता है। इसके अलावा टायर कंपनियों के शेयरों में भी मजबूती रही।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों यानी PSU बैंक शेयरों में भी तेजी देखने को मिली।
इसी के साथ उर्वरक कंपनियों के शेयरों में भी जोरदार उछाल आया क्योंकि निवेशकों को उम्मीद है कि प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बढ़ने से इस सेक्टर को फायदा मिल सकता है।
ब्रॉडर मार्केट में भी दिखी खरीदारी
सिर्फ बड़े शेयरों में ही नहीं बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।
मंगलवार को बाजार में कई निवेशकों ने गिरावट के बाद सस्ते दामों पर खरीदारी की, जिसे आमतौर पर बर्गेन बायिंग कहा जाता है।
इस वजह से व्यापक बाजार यानी ब्रॉडर मार्केट में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला।
आगे बाजार की दिशा किन बातों पर निर्भर
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार की दिशा कई वैश्विक और घरेलू कारकों पर निर्भर करेगी।
सबसे बड़ा प्रभाव कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक हालात का रहेगा।
अगर तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं और वैश्विक तनाव कम होता है तो भारतीय बाजार में आगे भी स्थिरता और हल्की तेजी देखने को मिल सकती है।



