देशबिज़नेस

LPG Crisis Update: सरकार ने बढ़ाया गैस उत्पादन, रिफाइनरियां 100% क्षमता पर काम कर रहीं

LPG Crisis Update: हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में देश में एलपीजी गैस की कमी की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन सरकार ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए साफ किया है कि भारत में रसोई गैस (LPG) की कोई कमी नहीं है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक देश की तेल रिफाइनरियों में गैस उत्पादन लगभग 10 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही सभी रिफाइनरियां फिलहाल 100 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रही हैं, ताकि गैस की सप्लाई लगातार बनी रहे।

सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की उपलब्धता पूरी तरह सुरक्षित है और किसी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है।


होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बाद उठी थी चिंता

हाल के दिनों में मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz के बंद होने की खबरों के बाद दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन रास्तों में से एक है और इसके जरिए बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचते हैं।

जब इस मार्ग के बाधित होने की खबर सामने आई तो भारत सहित कई देशों में ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंता जताई जाने लगी। हालांकि भारत सरकार ने अब स्पष्ट कर दिया है कि देश की ऊर्जा आपूर्ति प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित है।


रिफाइनरियां पूरी क्षमता से कर रहीं उत्पादन

सरकारी सूत्रों के अनुसार देश की सभी प्रमुख तेल रिफाइनरियां इस समय पूरी क्षमता यानी 100 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रही हैं।

सरकार ने स्थिति को देखते हुए एलपीजी उत्पादन में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी की है ताकि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।

इसके अलावा सरकार ने यह भी कहा है कि देश में एक भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर ऐसा नहीं है जिसके पास गैस खत्म हो गई हो। यानी देश के किसी भी हिस्से में गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।


शिकायतों के समाधान के लिए बनाई गई समिति

एलपीजी आपूर्ति से जुड़ी किसी भी समस्या को तुरंत हल करने के लिए सरकार ने एक तीन सदस्यीय समिति भी गठित की है।

यह समिति गैस सप्लाई, वितरण और उपभोक्ताओं से जुड़ी शिकायतों की निगरानी करेगी। अगर कहीं किसी तरह की समस्या सामने आती है तो उसे तुरंत हल करने की कोशिश की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य है कि देश के हर घर तक गैस की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के पहुंचती रहे।


LPG रिफिल बुकिंग नियमों में बदलाव

सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से जुड़े नियमों में भी अस्थायी बदलाव किया है।

अब रिफिल बुकिंग के लिए निर्धारित समय सीमा 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। इसका उद्देश्य गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकना है।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोग संकट की आशंका में जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में इस नियम से अनावश्यक स्टॉकिंग को रोका जा सकेगा।


जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कानून लागू

सरकार ने स्थिति को देखते हुए Essential Commodities Act को भी लागू किया है।

इस कानून के जरिए सरकार आवश्यक वस्तुओं जैसे खाद्य पदार्थ, दवाइयां और ईंधन की जमाखोरी को रोक सकती है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि जरूरी सामान आम लोगों को आसानी से उपलब्ध हो सके।

सरकारी अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी भी तरह की जमाखोरी या कालाबाजारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


वैकल्पिक स्रोतों से बढ़ाई गई ऊर्जा खरीद

होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा आने के बाद भारत ने अपने ऊर्जा आयात के विकल्पों को भी मजबूत किया है।

पहले जहां लगभग 55 प्रतिशत ऊर्जा खरीद अन्य मार्गों से की जा रही थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक कर दिया गया है।

इस कदम से भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर अंतरराष्ट्रीय संकट का असर कम हो सकता है।


रूस से लगातार जारी है तेल खरीद

सरकारी सूत्रों ने यह भी बताया कि भारत Russia से भी लगातार कच्चा तेल खरीद रहा है।

पिछले महीने भारत ने रोजाना लगभग 1.04 मिलियन बैरल तेल रूस से खरीदा। यह देश की कुल तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा है।

इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर कई विकल्प तैयार कर रखे हैं ताकि किसी भी वैश्विक संकट का असर घरेलू बाजार पर कम से कम पड़े।


घरेलू उपभोक्ता सरकार की पहली प्राथमिकता

सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि एलपीजी वितरण में घरेलू उपभोक्ताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

जरूरत पड़ने पर कमर्शियल और औद्योगिक गैस आपूर्ति को कम करके घरेलू उपयोग के लिए गैस उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन के लिए भी आवश्यक ईंधन की व्यवस्था की जा रही है।

सरकार का कहना है कि आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही सभी फैसले लिए जा रहे हैं।


अफवाहों से दूर रहने की अपील

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करें।

अधिकारियों का कहना है कि कई बार गलत जानकारी के कारण लोगों में अनावश्यक घबराहट फैल जाती है, जिससे बाजार में कृत्रिम संकट पैदा हो सकता है।

इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर बुक करने से बचें।


जरूरतमंद देशों को जारी रहेगा निर्यात

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ उन देशों को भी गैस निर्यात करता रहेगा जिन्हें इसकी बेहद जरूरत है।

हालांकि इस दौरान यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतें पहले पूरी हों।

अधिकारियों के अनुसार भारत के पास पर्याप्त ऊर्जा संसाधन हैं और देश की आपूर्ति प्रणाली किसी भी संकट से निपटने के लिए तैयार है।

Related Articles

Back to top button