
बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने से पहले प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि नई सरकार को उनका “पूरा सहयोग और मार्गदर्शन” मिलेगा। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
दो दशकों के समर्थन के लिए जताया आभार
सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में नीतीश कुमार ने कहा कि पिछले 20 से अधिक वर्षों से बिहार की जनता ने उन पर भरोसा जताया है और उसी विश्वास के बल पर उन्होंने राज्य की सेवा की है। उन्होंने कहा कि जनता के समर्थन की बदौलत बिहार विकास और सम्मान की नई दिशा में आगे बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जनता के साथ उनका संबंध आगे भी बना रहेगा और विकसित बिहार के निर्माण का संकल्प कायम रहेगा।
राज्यसभा कदम से बढ़ी अटकलें
हाल ही में दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों ने संभावित उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। यदि वे राज्यसभा के लिए निर्वाचित होते हैं, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है।
सूत्रों के अनुसार, 16 मार्च को प्रस्तावित राज्यसभा चुनाव तक वे मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं।
चारों सदनों में सदस्य बनने की इच्छा
नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत से ही इच्छा रही है कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों और संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें। वे पहले बिहार विधानसभा, बिहार विधान परिषद और लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं।
यदि वे राज्यसभा पहुंचते हैं, तो वे उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो जाएंगे जिन्होंने राज्य और केंद्र—दोनों स्तरों के चारों विधायी सदनों में सदस्यता निभाई हो।
नई सरकार को समर्थन
अपने संदेश में उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। इस बयान को राजनीतिक स्थिरता का संकेत माना जा रहा है।



