
नई दिल्ली। 20 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने Uday Bhanu Chib, राष्ट्रीय अध्यक्ष Indian Youth Congress, को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उनसे करीब 20 घंटे तक पूछताछ के बाद औपचारिक गिरफ्तारी की गई। इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
किन धाराओं में मामला दर्ज?
पुलिस ने चिब पर आपराधिक साजिश, लोकसेवक को ड्यूटी के दौरान बाधित करने, सरकारी कर्मचारी को नुकसान पहुंचाने और आदेशों की अवहेलना जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया है।
सोमवार को तीन अन्य आरोपियों—जितेंद्र यादव, राजा गुर्जर और विमल अजय कुमार—को भी गिरफ्तार किया गया। इससे पहले चार अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका था। सभी का संबंध यूथ कांग्रेस से बताया जा रहा है।
क्या हुआ था एआई इम्पैक्ट समिट में?
घटना 20 फरवरी को दोपहर लगभग 12:30 बजे हुई, जब नई दिल्ली स्थित Bharat Mandapam में उच्चस्तरीय एआई समिट चल रही थी।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कर क्यूआर कोड के जरिए प्रवेश लिया। वे सामान्य कपड़ों में पहुंचे थे और अंदर जाकर जैकेट/स्वेटर हटाकर नारे लिखी टी-शर्ट प्रदर्शित कीं। कुछ वीडियो में उन्हें नारेबाजी करते और बाद में सुरक्षा कर्मियों द्वारा बाहर ले जाते हुए देखा गया।
पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम में कई देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे, इसलिए मामले को गंभीरता से लिया गया है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कहीं यह विरोध अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि प्रभावित करने की मंशा से तो नहीं किया गया।
अदालत में पेशी, सात दिन की रिमांड की मांग
दिल्ली पुलिस ने चिब को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश कर सात दिन की पुलिस रिमांड की मांग की। पुलिस ने अदालत में उन्हें कथित तौर पर “मुख्य साजिशकर्ता” बताया और कहा कि जांच के लिए उन्हें विभिन्न स्थानों पर ले जाना जरूरी है।
वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में कहा कि उदय भानु चिब न तो स्थल पर मौजूद थे और न ही उन्होंने किसी को निर्देश दिए। उनके अनुसार, विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मेरठ की एक रैली में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को राजनीतिक मंच में बदल दिया गया।
दूसरी ओर, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने इस विरोध को अहिंसक और लोकतांत्रिक बताया।
केंद्रीय मंत्री Giriraj Singh ने भी राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी, जिससे विवाद और गहरा गया।
आगे क्या?
दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। अदालत में अगली सुनवाई के दौरान रिमांड और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्णय होगा।
एआई समिट में हुए इस विरोध ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है—जहां एक पक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकार बता रहा है, वहीं दूसरा इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अनुचित कदम करार दे रहा है।
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