
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के उपनेता प्रतिपक्ष Hemant Katare ने शुक्रवार शाम अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस कदम ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
इस्तीफे का कारण क्या बताया?
हेमंत कटारे ने अपने त्यागपत्र में कहा है कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र अटेर (जिला भिंड) को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे थे। साथ ही पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण भी वे पद की अपेक्षित जिम्मेदारियां निभाने में असमर्थ महसूस कर रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Jitu Patwari और नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar को सौंपा है।
क्या इस्तीफा स्वीकार होगा?
कांग्रेस के संगठन महासचिव संजय कांबले के हवाले से पार्टी सूत्रों ने कहा कि हेमंत कटारे पार्टी के साथ पूरी निष्ठा से जुड़े रहेंगे। यह भी संकेत मिले हैं कि पार्टी नेतृत्व उनसे पद पर बने रहने का आग्रह कर सकता है और संभव है कि उनका इस्तीफा स्वीकार न किया जाए।
अंतिम निर्णय राज्य कांग्रेस अध्यक्ष और केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।
राजनीतिक समय का महत्व
कटारे का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब कांग्रेस राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा को बजट सत्र के दौरान कई मुद्दों पर घेर रही है।
इसी बीच खबर है कि 24 फरवरी को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi भोपाल पहुंच सकते हैं। बताया जा रहा है कि वे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
ऐसे राजनीतिक माहौल में उपनेता प्रतिपक्ष का इस्तीफा विशेष महत्व रखता है।
आगे की राह
अब सबकी नजर इस बात पर है कि कांग्रेस नेतृत्व हेमंत कटारे का इस्तीफा स्वीकार करता है या उन्हें जिम्मेदारी जारी रखने के लिए मनाता है।
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