
Dario Amodei: नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit 2026 के दौरान एक दिलचस्प और हल्का-फुल्का पल सामने आया, जिसने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं। जब ग्रुप फोटो का समय आया, तो Sam Altman और Dario Amodei ने हाथ मिलाने की बजाय एक-दूसरे की ओर मुट्ठी बढ़ाकर ‘फिस्ट बंप’ किया।
यह छोटा सा पल इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया और कई लोगों ने इसे दो बड़ी AI कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा का प्रतीक बताया।
नई दिल्ली में वैश्विक AI नेताओं की ऐतिहासिक बैठक
यह भव्य सम्मेलन New Delhi के Bharat Mandapam में आयोजित किया गया, जहां दुनिया भर से टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दिग्गज जुटे।
ग्रुप फोटो में भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi बीच में खड़े नजर आए। उनके साथ कई बड़े टेक लीडर्स भी मौजूद थे, जिनमें Sundar Pichai, Alexandr Wang, और Meta के AI प्रमुख शामिल थे।
यह तस्वीर न सिर्फ एक आधिकारिक पल थी, बल्कि भविष्य की टेक्नोलॉजी दिशा का प्रतीक भी बन गई।
हाथ नहीं मिले, मुट्ठियां टकराईं: क्यों हुआ यह खास पल वायरल?
जब ग्रुप फोटो के दौरान सभी नेता एक-दूसरे का हाथ पकड़कर खड़े हो रहे थे, तब OpenAI के CEO Sam Altman और Anthropic के CEO Dario Amodei कुछ क्षणों के लिए असमंजस में नजर आए।
दोनों ने पहले एक-दूसरे की ओर हाथ बढ़ाने जैसा इशारा किया, लेकिन फिर अचानक मुट्ठी आगे कर दी। इसके बाद दोनों ने हल्की मुस्कान के साथ फिस्ट बंप कर लिया।
यही छोटा सा पल कैमरों में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोग इसे AI इंडस्ट्री की प्रतिस्पर्धा और प्रोफेशनल दूरी से जोड़कर देखने लगे।
सोशल मीडिया पर मजेदार प्रतिक्रियाएं
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने इसे “AI की दुनिया की कोल्ड वॉर” तक कह दिया।
टेक स्टार्टअप Puch AI के को-फाउंडर Siddharth Bhatia ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि “AGI कब आएगा? शायद उस दिन जब Sam और Dario हाथ मिलाएंगे।”
वहीं Puch AI से जुड़े कई लोगों ने भी इस पोस्ट को शेयर किया। यह बयान देखते ही देखते वायरल हो गया।
Dario Amodei का OpenAI से Anthropic तक का सफर
Dario Amodei पहले OpenAI में रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट रह चुके हैं। 2021 की शुरुआत में उन्होंने कंपनी छोड़कर अपने कुछ साथियों के साथ Anthropic की स्थापना की।
उनका मानना रहा है कि AI का विकास तेजी से हो रहा है और इसके साथ सुरक्षा और नैतिकता पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है। Anthropic इसी सोच पर आधारित कंपनी मानी जाती है।
इस वजह से भी Sam Altman और Dario Amodei के रिश्ते को लोग “प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ विचारधारा की टक्कर” के रूप में देखते हैं।
AI Impact Summit 2026: वैश्विक तकनीक का महाकुंभ
यह सम्मेलन 16 फरवरी से 20 फरवरी तक चला, जिसमें 500 से ज्यादा AI लीडर्स, 150 से अधिक रिसर्चर्स और लगभग 400 CTO, वाइस प्रेसिडेंट्स और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
इस समिट का उद्देश्य AI के भविष्य, इसके सामाजिक प्रभाव, आर्थिक बदलाव और नैतिक पहलुओं पर चर्चा करना था।
भारत में इस तरह के बड़े वैश्विक टेक इवेंट का आयोजन देश की बढ़ती डिजिटल ताकत को दर्शाता है।
Dario Amodei का बयान: इंसान से आगे निकल रही है AI
सम्मेलन के दौरान Dario Amodei ने कहा कि दुनिया एक ऐसे दौर के करीब पहुंच रही है, जहां AI सिस्टम अधिकांश बौद्धिक कार्यों में इंसानों से आगे निकल जाएंगे।
उन्होंने इसे “इंटेलिजेंस के लिए Moore’s Law” जैसा बताया, यानी हर कुछ सालों में AI की क्षमता कई गुना बढ़ रही है।
उनके अनुसार, AI बीमारियों, गरीबी और शिक्षा जैसी समस्याओं को हल करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है, लेकिन इसके गलत इस्तेमाल से आर्थिक और सामाजिक असंतुलन भी पैदा हो सकता है।
Sam Altman का बयान: AI में भारत बना ग्लोबल लीडर
Sam Altman ने भी सम्मेलन में भारत की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत आज AI अपनाने के मामले में दुनिया में सबसे आगे है।
उनके मुताबिक, भारत सिर्फ AI क्रांति में भाग नहीं ले रहा, बल्कि उसका नेतृत्व भी कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में भारत AI का सबसे बड़ा बाजार बन सकता है और यहां से कई ग्लोबल इनोवेशन निकलेंगे।
भारत और AI का भविष्य: नई दिशा की ओर कदम
इस समिट ने साफ कर दिया कि भारत अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि इनोवेशन का केंद्र भी बनता जा रहा है।
सरकार, स्टार्टअप्स और ग्लोबल कंपनियां मिलकर AI इकोसिस्टम को मजबूत कर रही हैं। ऐसे में Sam Altman और Dario Amodei जैसे नेताओं की मौजूदगी भारत की वैश्विक छवि को और मजबूत बनाती है।
निष्कर्ष
AI Impact Summit 2026 में Sam Altman और Dario Amodei का फिस्ट बंप भले ही एक छोटा सा पल था, लेकिन इसने AI इंडस्ट्री की प्रतिस्पर्धा, सहयोग और भविष्य की दिशा को दर्शा दिया।
यह घटना बताती है कि टेक्नोलॉजी की दुनिया में भले ही कंपनियां एक-दूसरे की प्रतिद्वंद्वी हों, लेकिन वैश्विक विकास के लिए संवाद और सहयोग जरूरी है।
भारत के लिए यह सम्मेलन एक संकेत है कि आने वाले समय में देश AI की दुनिया में और भी बड़ी भूमिका निभाने वाला है।



