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Thalaivar Thambi Thalaimaiyil Review: Netflix पर आई Jiiva की नई राजनीतिक कॉमेडी

Thalaivar Thambi Thalaimaiyil Review: तमिल सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता जीवा (Jiiva) एक बार फिर अपनी दमदार कॉमिक टाइमिंग के साथ दर्शकों के सामने लौटे हैं। उनकी नई फिल्म ‘Thalaivar Thambi Thalaimaiyil’ पहले सिनेमाघरों में रिलीज हुई और अब यह Netflix पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है। यह फिल्म 15 जनवरी 2026 को पोंगल के मौके पर रिलीज हुई थी और अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी लोगों का ध्यान खींच रही है।

अगर आप हल्की-फुल्की, सामाजिक संदेश से भरपूर और मनोरंजक फिल्म देखने की सोच रहे हैं, तो यह मूवी आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है। आइए जानते हैं इस फिल्म की कहानी, अभिनय, निर्देशन और कुल मिलाकर इसकी खासियतों के बारे में विस्तार से।

फिल्म की जानकारी

फिल्म का नाम है Thalaivar Thambi Thalaimaiyil और इसका निर्देशन किया है नितीश साहदेव ने। इस फिल्म में मुख्य भूमिका में जीवा नजर आते हैं। उनके साथ थंबी रामैया, इलावरसु, प्रथाना नाथन और अन्य कलाकार भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देते हैं।

फिल्म की कहानी और पटकथा संजो जोसेफ, नितीश साहदेव और अनुराज ओबी ने मिलकर लिखी है। फिल्म को समीक्षकों से 3.5 स्टार की रेटिंग मिली है, जो इसे एक अच्छी एंटरटेनर फिल्म बनाती है।

कहानी: जब शादी और मौत के बीच फंस जाता है पंचायत अध्यक्ष

‘थलाइवर थंबी थलैमयिल’ की कहानी एक छोटे से गांव के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म का मुख्य किरदार जीव रत्नम है, जो गांव का पंचायत अध्यक्ष होता है। उसे एक शादी समारोह को शांतिपूर्वक संपन्न कराने की जिम्मेदारी दी जाती है।

शुरुआत में सब कुछ सामान्य चलता है, लेकिन अचानक एक बड़ा मोड़ तब आता है, जब शादी वाले घर के पड़ोसी की मौत हो जाती है। अब जीव रत्नम पर दोनों जगहों की जिम्मेदारी आ जाती है।

एक तरफ शादी का माहौल है, वहीं दूसरी ओर शोक का वातावरण। दोनों पक्ष किसी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं होते। ऐसे में पंचायत अध्यक्ष दोनों हालातों को संभालने की कोशिश करता है और यहीं से फिल्म में हास्य, तनाव और भावनाओं का सिलसिला शुरू होता है।

कहानी आगे बढ़ते हुए यह दिखाती है कि कैसे इंसानी अहंकार, जिद और सामाजिक दबाव कई बार छोटी-छोटी बातों को बड़ा बना देते हैं।

फिल्म की खासियत: सरलता में छुपा मनोरंजन

इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी सादगी है। निर्देशक ने किसी भी तरह के ओवरड्रामा या बेवजह के मसाले का सहारा नहीं लिया है। कहानी गांव की असली जिंदगी से जुड़ी हुई लगती है, जिससे दर्शक खुद को उससे जोड़ पाते हैं।

फिल्म में हास्य को बहुत ही स्वाभाविक तरीके से पेश किया गया है। यहां जबरदस्ती के जोक्स या फूहड़ कॉमेडी नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी स्थितियों पर आधारित मजेदार दृश्य हैं।

इसके साथ ही फिल्म मानव स्वभाव की कमजोरियों जैसे ईर्ष्या, घमंड, नफरत और गलतफहमी को भी बखूबी दिखाती है।

निर्देशन और तकनीकी पक्ष

नितीश साहदेव का निर्देशन फिल्म की एक और मजबूत कड़ी है। इससे पहले उनकी मलयालम फिल्म ‘Falimy’ को भी सराहा गया था। इस फिल्म में भी उन्होंने संतुलन बनाए रखा है।

फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर विष्णु विजय ने तैयार किया है, जो हर सीन के मूड को बेहतर बनाता है। संगीत कहानी के साथ घुल-मिल जाता है और कभी भी भारी नहीं लगता।

साथ ही, फिल्म की एडिटिंग भी काफी सटीक है। कहानी कहीं ज्यादा खिंचती नहीं और दर्शक अंत तक जुड़े रहते हैं।

कमजोर पक्ष: कुछ जगहों पर धीमी रफ्तार

हालांकि फिल्म काफी हद तक मनोरंजक है, लेकिन कुछ हिस्सों में इसकी गति थोड़ी धीमी हो जाती है। खासकर दूसरे हाफ में कुछ दृश्य जरूरत से ज्यादा भावुक हो जाते हैं।

कई बार फिल्म का हल्का-फुल्का अंदाज कमजोर पड़ता नजर आता है और कहानी थोड़ी गंभीर हो जाती है। अगर इन हिस्सों को और बेहतर तरीके से प्रस्तुत किया जाता, तो फिल्म और प्रभावशाली बन सकती थी।

हालांकि ये कमियां इतनी बड़ी नहीं हैं कि फिल्म देखने का मजा खराब कर दें।

अभिनय: जीवा की शानदार वापसी

फिल्म में जीवा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे कॉमेडी के मास्टर हैं। उनकी टाइमिंग, एक्सप्रेशन और स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म की जान है।

वे अपने किरदार में पूरी तरह फिट नजर आते हैं और दर्शकों को बांधे रखते हैं।

थंबी रामैया, इलावरसु और प्रथाना नाथन ने भी अपने-अपने रोल को बखूबी निभाया है। सभी कलाकारों की केमिस्ट्री कहानी को और मजबूत बनाती है।

फिल्म का संदेश: रिश्तों और समझदारी की अहमियत

यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं करती, बल्कि एक गहरा संदेश भी देती है। यह दिखाती है कि कैसे छोटी-छोटी बातों पर होने वाले झगड़े समाज में बड़ी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

फिल्म हमें सिखाती है कि संवाद, समझदारी और सहानुभूति से हर समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।

Netflix पर क्यों देखें यह फिल्म?

अगर आप वीकेंड पर हल्की-फुल्की, फैमिली के साथ देखने लायक फिल्म ढूंढ रहे हैं, तो ‘Thalaivar Thambi Thalaimaiyil’ एक अच्छा विकल्प है।

यह फिल्म आपको हंसाएगी, भावुक करेगी और सोचने पर मजबूर भी करेगी। हालांकि यह लंबे समय तक याद रहने वाली फिल्म नहीं है, लेकिन एक बार जरूर देखी जा सकती है।

अंतिम फैसला: देखनी चाहिए या नहीं?

‘थलाइवर थंबी थलैमयिल’ एक सादा, साफ-सुथरी और मनोरंजक फिल्म है। जीवा का शानदार अभिनय, मजबूत निर्देशन और दिल से जुड़ी कहानी इसे देखने लायक बनाती है।

अगर आपको गांव की पृष्ठभूमि पर बनी सामाजिक कॉमेडी पसंद है, तो यह फिल्म जरूर देखें।

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