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Suzlon Energy Q3 Results: नतीजे बेहतर, फिर भी शेयरों में 4% से ज्यादा की गिरावट

Suzlon Energy Q3 Results: गुरुवार, 5 फरवरी को Suzlon Energy Ltd. के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद कंपनी के शेयर 4 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब कंपनी ने साल-दर-साल आधार पर बेहतर वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है।

मुनाफा और आय में बढ़ोतरी के बावजूद निवेशकों ने मुनाफावसूली का रास्ता चुना, जिससे शेयर बाजार में Suzlon के स्टॉक पर दबाव बढ़ गया। फिलहाल कंपनी के शेयर करीब ₹48 के आसपास कारोबार कर रहे हैं।

दिसंबर तिमाही में Suzlon का मुनाफा बढ़ा

दिसंबर 2025 की तिमाही में Suzlon Energy का शुद्ध मुनाफा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 15 प्रतिशत बढ़कर ₹445.2 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वर्ष इसी तिमाही में कंपनी ने ₹387 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था।

यह बढ़ोतरी कंपनी की बेहतर ऑर्डर एग्जीक्यूशन, मजबूत मांग और संचालन क्षमता को दर्शाती है। हालांकि, इसके बावजूद शेयरों में गिरावट ने बाजार को चौंका दिया है।

EBITDA में जबरदस्त उछाल, मार्जिन में भी सुधार

कंपनी की ऑपरेशनल परफॉर्मेंस भी इस तिमाही में काफी मजबूत रही। Suzlon का EBITDA सालाना आधार पर 48 प्रतिशत बढ़कर ₹730.5 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹493 करोड़ था।

EBITDA मार्जिन में भी सुधार देखने को मिला है। यह 16.6 प्रतिशत से बढ़कर 17.3 प्रतिशत पर पहुंच गया, यानी करीब 70 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हुई है। यह दर्शाता है कि कंपनी ने लागत नियंत्रण और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में सुधार किया है।

रेवेन्यू में 42% की बढ़ोतरी, कारोबार में तेजी

दिसंबर तिमाही के दौरान Suzlon Energy की कुल आय में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल आधार पर 42.4 प्रतिशत बढ़कर ₹4,228.1 करोड़ हो गया।

पिछले साल इसी अवधि में कंपनी की आय ₹2,968 करोड़ थी। यह तेजी रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ती मांग और Suzlon की मजबूत पकड़ को दर्शाती है।

रिकॉर्ड ऑर्डर बुक और डिलीवरी में नया कीर्तिमान

Suzlon Energy के लिए एक और बड़ी उपलब्धि इसकी रिकॉर्ड ऑर्डर बुक रही है। दिसंबर तिमाही के अंत तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 6.4 गीगावॉट तक पहुंच गई है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

इस तिमाही में कंपनी ने 617 मेगावॉट की डिलीवरी की, जो पिछले 30 वर्षों में सबसे ज्यादा है। इसके अलावा, करीब 2.4 गीगावॉट के प्रोजेक्ट्स पर फिलहाल काम चल रहा है।

यह आंकड़े बताते हैं कि कंपनी का भविष्य का कारोबार मजबूत दिखाई दे रहा है।

कंपनी की मजबूत कैश पोजीशन ने बढ़ाया भरोसा

दिसंबर तिमाही के अंत तक Suzlon Energy के पास ₹1,556 करोड़ की नेट कैश पोजीशन थी। यह दर्शाता है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति पहले के मुकाबले काफी बेहतर हो चुकी है।

मजबूत कैश बैलेंस से कंपनी को नए प्रोजेक्ट्स में निवेश करने, कर्ज घटाने और विस्तार योजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद मिलेगी।

CEO का बयान: आगे भी रहेगा ग्रोथ का सिलसिला

Suzlon Group के CEO जेपी चलसानी ने कंपनी के प्रदर्शन पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि 6.4 गीगावॉट की ऑर्डर बुक, रिकॉर्ड डिलीवरी के बावजूद, तिमाही की शुरुआत से ज्यादा है, जो कंपनी की मजबूत मांग और बेहतर क्रियान्वयन को दर्शाती है।

उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी की 25 गीगावॉट से ज्यादा की प्रोजेक्ट डेवलपमेंट पाइपलाइन भविष्य की ग्रोथ को सपोर्ट कर रही है। इससे आने वाले समय में रेवेन्यू की स्थिरता और प्रोजेक्ट कंट्रोल बेहतर होगा।

नौ महीनों में शानदार प्रदर्शन, वॉल्यूम में भी तेजी

वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में Suzlon Energy की आय में 58 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस अवधि में कंपनी का कुल रेवेन्यू बढ़कर ₹11,211 करोड़ हो गया।

इसी दौरान कंपनी की डिलीवरी वॉल्यूम भी 66 प्रतिशत बढ़कर 1,625 मेगावॉट तक पहुंच गई। यह साफ संकेत है कि कंपनी का कारोबार लगातार विस्तार कर रहा है।

शेयरों में गिरावट की असली वजह क्या है?

इतने मजबूत नतीजों के बावजूद Suzlon के शेयरों में गिरावट का मुख्य कारण हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में इस स्टॉक ने जबरदस्त रैली दिखाई थी और यह ₹84 के स्तर तक पहुंच गया था।

वर्तमान स्तर पर यह शेयर अपने हालिया उच्चतम स्तर से करीब 50 प्रतिशत नीचे आ चुका है। ऐसे में निवेशकों ने नतीजों के बाद मुनाफा निकालना बेहतर समझा।

इसके अलावा, बाजार की मौजूदा अस्थिरता और ग्लोबल संकेतों का भी स्टॉक पर असर पड़ा है।

निवेशकों के लिए क्या है आगे की रणनीति?

विशेषज्ञों का मानना है कि Suzlon Energy के फंडामेंटल्स अभी भी मजबूत बने हुए हैं। मजबूत ऑर्डर बुक, बढ़ता रेवेन्यू और बेहतर कैश फ्लो कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

हालांकि, शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह स्टॉक भविष्य में अच्छे रिटर्न दे सकता है, लेकिन निवेश से पहले बाजार की स्थिति और जोखिमों को समझना जरूरी है।

निष्कर्ष: मजबूत प्रदर्शन के बावजूद बाजार का मिला मिला-जुला रुख

Suzlon Energy ने दिसंबर तिमाही में शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। मुनाफा, रेवेन्यू और डिलीवरी सभी में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद शेयरों में गिरावट से यह साफ होता है कि बाजार फिलहाल सतर्क मूड में है।

आने वाले समय में कंपनी की परियोजनाएं और ऑर्डर बुक इसके प्रदर्शन की दिशा तय करेंगी। निवेशकों की नजर अब अगले तिमाही नतीजों पर टिकी रहेगी।

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