
Mardaani 3 Review: बॉलीवुड की सबसे लोकप्रिय महिला-केंद्रित फ्रेंचाइज़ी में से एक ‘मर्दानी’ अपनी तीसरी किस्त के साथ एक बार फिर दर्शकों के सामने आई है। Mardaani 3 में रानी मुखर्जी एक बार फिर सुपरकॉप शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में नजर आती हैं, लेकिन इस बार उनके सामने खड़ी है एक बेहद खतरनाक और रहस्यमयी महिला अपराधी अम्मा, जिसका किरदार निभाया है मल्लिका प्रसाद ने।
यह फिल्म सिर्फ एक पुलिस और अपराधियों की कहानी नहीं है, बल्कि समाज के उस काले सच को दिखाती है, जहां कमजोर तबके की लड़कियों की सुरक्षा अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती है।
रानी और मल्लिका की टक्कर बनी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत
Mardaani 3 की सबसे बड़ी खासियत है रानी मुखर्जी और मल्लिका प्रसाद के बीच की जबरदस्त टक्कर। दोनों कलाकार स्क्रीन पर जब भी आमने-सामने आती हैं, फिल्म में एक अलग ही ऊर्जा आ जाती है।
जहां रानी कानून के दायरे में रहकर लड़ती हैं, वहीं मल्लिका का किरदार हर नियम को तोड़ने के लिए तैयार रहता है। यही टकराव फिल्म को पिछले दोनों भागों से ज्यादा मजबूत बनाता है।
इन दोनों के बीच होने वाले संवाद, नजरों की लड़ाई और भावनात्मक टकराव दर्शकों को सीट से बांधे रखते हैं।
कहानी: अपहरण से शुरू होकर अंतरराष्ट्रीय अपराध तक
फिल्म की शुरुआत उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के एक फार्महाउस से होती है, जहां से दो लड़कियों का अपहरण कर लिया जाता है। इनमें से एक लड़की एक वीआईपी की बेटी होती है, जबकि दूसरी केयरटेकर की संतान।
पुलिस पर दबाव होता है कि केस जल्दी सुलझाया जाए। जांच के दौरान पता चलता है कि यह सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।
तीन महीनों में दिल्ली और आसपास के इलाकों से करीब 100 नाबालिग लड़कियां गायब हो चुकी होती हैं। इनमें ज्यादातर गरीब परिवारों से आती हैं।
यहीं से शिवानी शिवाजी रॉय इस खतरनाक नेटवर्क के खिलाफ जंग शुरू करती हैं।
दिल्ली से कोलंबो तक फैली जांच
फिल्म की कहानी सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहती। शिवानी अपनी टीम के साथ बुलंदशहर, सीकर, जयपुर और फिर कोलंबो तक पहुंचती हैं।
इस दौरान उनके साथ एक युवा पुलिस अधिकारी फातिमा अनवर (जांकी बोदीवाला) भी रहती हैं, जो उनके मिशन में मदद करती हैं।
जांच के दौरान शिवानी का सामना अम्मा से होता है, जो इस पूरे नेटवर्क की सरगना है। उसके पीछे एक और खतरनाक विलेन भी है, जो पूरी योजना को संचालित करता है।
निर्देशन और तकनीकी पक्ष
फिल्म का निर्देशन अभिराज मिनावाला ने किया है और निर्माण आदित्य चोपड़ा ने।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी सशक्त स्क्रिप्ट और कसा हुआ निर्देशन है। आयुष गुप्ता की कहानी और संवाद फिल्म की आत्मा हैं।
आर्टुर जुराव्स्की की सिनेमैटोग्राफी फिल्म को शानदार विजुअल टच देती है, जबकि यशा रंचंदानी की एडिटिंग इसे तेज रफ्तार बनाए रखती है।
फिल्म का पहला हिस्सा बेहद मजबूत है और दूसरा भाग भी लगभग उसी स्तर पर बना रहता है।
सामाजिक संदेश और महिला सुरक्षा का मुद्दा
Mardaani 3 सिर्फ एक थ्रिलर नहीं है, बल्कि यह महिला सुरक्षा, मानव तस्करी और सामाजिक असमानता जैसे गंभीर मुद्दों को भी उठाती है।
फिल्म दिखाती है कि कैसे गरीब और बेसहारा लड़कियां अपराधियों का आसान शिकार बन जाती हैं। समाज और सिस्टम अक्सर उनकी रक्षा करने में असफल रहता है।
शिवानी का किरदार एक ऐसी महिला की तरह उभरता है, जो इन कमजोर लड़कियों के लिए देवी की तरह लड़ती है।
रानी मुखर्जी का करियर-बेस्ट प्रदर्शन
2023 की ‘Mrs Chatterjee vs Norway’ के बाद रानी मुखर्जी की यह शानदार वापसी मानी जा रही है।
उन्होंने शिवानी के किरदार में फिर से जान डाल दी है। उनके एक्शन सीन, डायलॉग डिलीवरी और भावनात्मक दृश्य बेहद प्रभावशाली हैं।
यह प्रदर्शन उनके 30 साल के करियर के बेहतरीन कामों में से एक माना जा सकता है।
मल्लिका प्रसाद ने खलनायिका के रूप में मचाया धमाल
मल्लिका प्रसाद ने पहली बार इस फ्रेंचाइज़ी में महिला विलेन का किरदार निभाया है और उन्होंने इसे बखूबी निभाया है।
भले ही उनके पास ज्यादा एक्शन सीन नहीं हैं, लेकिन उनकी आंखों की तीखी नजर और संवाद अदायगी किरदार को बेहद खतरनाक बनाती है।
रानी के सामने टिककर खड़ी रहना आसान नहीं होता, लेकिन मल्लिका इसमें पूरी तरह सफल रहती हैं।
क्यों खास है Mardaani 3?
फिल्म की खास बात इसके छोटे-छोटे डिटेल्स हैं। शिवानी की अपने सीनियर अफसरों से बहस, सिस्टम से लड़ाई और अकेले दम पर अपराधियों का सामना करना इसे आम पुलिस फिल्मों से अलग बनाता है।
यह फिल्म सिर्फ ‘लड़कियों को बचाने’ की कहानी नहीं, बल्कि एक महिला के संघर्ष और आत्मबल की कहानी है।
क्या आएगा Mardaani 4?
फिल्म का अंत इस ओर इशारा करता है कि शिवानी शिवाजी रॉय की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।
ऐसे में यह उम्मीद की जा सकती है कि भविष्य में Mardaani 4 भी देखने को मिलेगी। अगर वह भी इतनी ही दमदार हुई, तो दर्शक जरूर उसे पसंद करेंगे।



