दुनिया

अमेरिका में भारतीय परिवार का खात्मा: घरेलू विवाद में पत्नी समेत चार की हत्या, बच्चों ने छिपकर बचाई जान

अमेरिका में भारतीय परिवार का खात्मा:  अमेरिका से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक भारतीय मूल के व्यक्ति ने कथित घरेलू विवाद के बाद अपनी पत्नी और उसके तीन रिश्तेदारों की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय समुदाय बल्कि भारत और अमेरिका दोनों देशों में रह रहे लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान 51 वर्षीय विजय कुमार के रूप में हुई है, जिसे वारदात के कुछ ही घंटों बाद गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना अमेरिका के जॉर्जिया राज्य के अटलांटा इलाके के पास हुई, जहां एक ही घर के अंदर चार लोगों के शव पाए गए।

रात के सन्नाटे में हुई खौफनाक घटना

यह मामला शुक्रवार तड़के करीब 2:30 बजे पुलिस के संज्ञान में आया, जब इमरजेंसी कॉल के जरिए गोलीबारी की सूचना दी गई। पुलिस को बताया गया कि ब्रुक आइवी कोर्ट इलाके के एक घर में फायरिंग हुई है।

जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो घर के भीतर चार वयस्कों के शव मिले, जिनके शरीर पर गोली लगने के गंभीर निशान थे। शुरुआती जांच में साफ हो गया कि यह मामला किसी बाहरी हमले का नहीं, बल्कि घरेलू विवाद से जुड़ा हुआ है।

बच्चे अलमारी में छिपकर बची जान

इस त्रासदी के बीच एक राहत की बात यह रही कि घर में मौजूद तीन बच्चे इस हमले में सुरक्षित बच गए। पुलिस ने बताया कि फायरिंग के वक्त बच्चे डर के मारे एक अलमारी में छिप गए थे।

इन बच्चों में आरोपी विजय कुमार का 12 वर्षीय बच्चा भी शामिल था, जिसने साहस दिखाते हुए 911 पर कॉल की और पुलिस को जरूरी जानकारी दी। इसी कॉल की वजह से पुलिस कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच सकी और स्थिति को संभाल पाई।

पुलिस कार्रवाई: जंगल से पकड़ा गया आरोपी

पुलिस ने बताया कि जब वे घटनास्थल पर पहुंचे, तो आरोपी की गाड़ी अभी भी घर के बाहर खड़ी थी। इससे अंदेशा हुआ कि वह ज्यादा दूर नहीं गया होगा। इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया और K-9 डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया।

पुलिस डॉग ने आरोपी विजय कुमार को पास के जंगलनुमा इलाके तक ट्रैक किया, जहां से उसे हिरासत में ले लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे पुलिस स्टेशन ले जाया गया और पूछताछ शुरू की गई।

मृतकों की पहचान सामने आई

ग्विनेट काउंटी पुलिस ने इस घटना में जान गंवाने वालों की पहचान सार्वजनिक की है। मृतकों में आरोपी की पत्नी मीमू डोगरा (43) शामिल हैं, जो अटलांटा की रहने वाली थीं।

इसके अलावा, तीन अन्य मृतक हैं—गौरव कुमार (33), निधि चंदर (37) और हरीश चंदर (38), जो सभी लॉरेंसविल इलाके में रहते थे। बताया गया है कि ये सभी आपस में करीबी रिश्तेदार थे और उसी घर में रह रहे थे जहां वारदात हुई।

विवाद की शुरुआत अटलांटा में, अंत हत्या में

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, विवाद की शुरुआत विजय कुमार और उसकी पत्नी मीमू डोगरा के बीच उनके अटलांटा स्थित घर में हुई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों अपने बच्चे के साथ रिश्तेदारों के घर पहुंचे।

यही वह घर था, जहां बाद में यह खूनी वारदात हुई। पुलिस का कहना है कि उसी दौरान गुस्से और तनाव की स्थिति में विजय कुमार ने गोलीबारी कर दी, जिसमें चार लोगों की जान चली गई।

बच्चे सुरक्षित, पर सदमे में

जिस घर में यह वारदात हुई, वहां दो और नाबालिग बच्चे—7 और 10 साल की उम्र के—भी मौजूद थे। सौभाग्य से वे भी शारीरिक रूप से सुरक्षित हैं।

हालांकि, पुलिस और चाइल्ड सर्विस एजेंसियों का कहना है कि बच्चे गहरे मानसिक आघात में हैं। फिलहाल उन्हें परिवार के ही एक सदस्य की देखरेख में सौंप दिया गया है और जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग की व्यवस्था की जा रही है।

आरोपी पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज

विजय कुमार पर कई गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उस पर हत्या, फेलोनी मर्डर, गंभीर हमला, और बच्चों के साथ क्रूरता जैसे आरोप लगाए गए हैं।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आरोप साबित होते हैं, तो आरोपी को लंबी जेल सजा या आजीवन कारावास का सामना करना पड़ सकता है।

भारतीय मिशन की प्रतिक्रिया

अटलांटा स्थित भारतीय दूतावास ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। मिशन ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि वे इस पारिवारिक त्रासदी से बेहद आहत हैं और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।

दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि वे स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और कानूनी व मानवीय मदद उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रवासी समुदाय में शोक की लहर

इस घटना के बाद अमेरिका में बसे भारतीय समुदाय में शोक और चिंता का माहौल है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर दुख व्यक्त करते हुए घरेलू हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर गंभीर चर्चा की मांग की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रवासी जीवन का तनाव, पारिवारिक दबाव और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं कई बार ऐसी घटनाओं को जन्म देती हैं, जिन्हें समय रहते पहचाना जाना जरूरी है।

निष्कर्ष

यह घटना न सिर्फ एक परिवार की बर्बादी की कहानी है, बल्कि यह घरेलू विवादों, मानसिक तनाव और हिंसा के गंभीर परिणामों की चेतावनी भी है। चार लोगों की जान चली गई, कई बच्चे जीवन भर का आघात लेकर बच गए और एक परिवार पूरी तरह टूट गया।

अब न्याय प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, लेकिन यह सवाल जरूर खड़ा होता है कि क्या समय रहते किसी हस्तक्षेप से इस त्रासदी को रोका जा सकता था।

Related Articles

Back to top button