
India T20 World Record: रायपुर में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड को पूरी तरह बैकफुट पर धकेलते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की। ईशान किशन की विस्फोटक पारी और कप्तान सूर्यकुमार यादव की लंबे इंतजार के बाद आई अर्धशतकीय पारी ने इस मुकाबले को एकतरफा बना दिया। भारत ने 209 रनों के लक्ष्य को महज 15.2 ओवर में हासिल कर लिया और सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।
ईशान किशन ने 32 गेंदों में 76 रनों की तूफानी पारी खेली, जबकि सूर्यकुमार यादव 82 रन बनाकर नाबाद रहे। यह जीत सिर्फ सात विकेट से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आक्रामकता से भरी हुई थी। भारत ने इस मैच में टी20 क्रिकेट का एक बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
भारतीय टीम ने 200 से ज्यादा के लक्ष्य को सबसे तेजी से हासिल करने का रिकॉर्ड बनाया। यह किसी भी फुल मेंबर टीम द्वारा किया गया सबसे तेज रन चेज़ है। इससे पहले यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के नाम था, जिसने 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 16 ओवर में लक्ष्य हासिल किया था। भारत ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में भारत ने पहली बार टी20 में 200 से अधिक का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया। रायपुर की पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग साबित हो रही थी और न्यूजीलैंड ने 208 रन बनाए, लेकिन यह स्कोर इस विकेट पर कम साबित हुआ।
न्यूजीलैंड की पारी की शुरुआत काफी शानदार रही। जसप्रीत बुमराह को आराम दिए जाने और अक्षर पटेल के चोटिल होने का फायदा उठाते हुए डेवोन कॉनवे और टिम सीफर्ट ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। दोनों ने पहले कुछ ओवरों में ही 43 रन जोड़ दिए और ऐसा लगा कि न्यूजीलैंड 220-230 तक का स्कोर खड़ा करेगा।
हालांकि, अच्छी शुरुआत के बावजूद न्यूजीलैंड की टीम बीच के ओवरों में लय बरकरार नहीं रख सकी। लगातार विकेट गिरने और बड़े साझेदारी की कमी ने उनकी पारी की रफ्तार धीमी कर दी। यही वजह रही कि 208 रन का स्कोर, जो कागजों पर मजबूत दिखता था, भारत के सामने कमजोर पड़ गया।
भारत की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। संजू सैमसन को पहले ओवर में जीवनदान मिला, लेकिन वह ज्यादा देर टिक नहीं सके और मैट हेनरी का शिकार बने। इसके तुरंत बाद नागपुर के हीरो अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए। दो ओवर के भीतर भारत का स्कोर 8 रन पर 2 विकेट हो गया और मुकाबला रोमांचक होता दिखने लगा।
यहीं से ईशान किशन ने मैच की तस्वीर पूरी तरह बदल दी। पिछले एक साल में ईशान के खेल में साफ तौर पर आक्रामकता बढ़ी है। चाहे आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के साथ बिताया समय हो या खुद पर बढ़ा भरोसा, किशन अब गेंदबाजों पर हमला करने से पीछे नहीं हटते।
ईशान किशन ने जैक फॉल्क्स के एक ओवर में 24 रन ठोक दिए, जिसमें तीन चौके और एक छक्का शामिल था। इसके बाद डफी के ओवर में भी उन्होंने लगातार बाउंड्री लगाईं। एक ओवर में उनका बल्ला हाथ से छूट गया, लेकिन ग्लव्स बदलने के बाद उन्होंने और भी खतरनाक अंदाज अपनाया।
किशन ने महज 21 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पावरप्ले में ही भारत का स्कोर 75 रन के पार पहुंच गया। ईश सोढ़ी और सैंटनर जैसे अनुभवी स्पिनर भी उन्हें रोकने में नाकाम रहे। अंततः सोढ़ी ने उन्हें 76 रन पर आउट किया, लेकिन तब तक मैच भारत की पकड़ में पूरी तरह आ चुका था।
इस मुकाबले में सूर्यकुमार यादव की पारी भी उतनी ही खास रही। करीब 468 दिनों के लंबे इंतजार के बाद सूर्या के बल्ले से टी20 अंतरराष्ट्रीय में अर्धशतक निकला। सीरीज से पहले उनकी फॉर्म पर सवाल उठ रहे थे और टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले यह पारी बेहद अहम मानी जा रही है।
नागपुर में पहले मैच में उन्होंने 32 रन बनाए थे, लेकिन रायपुर में उन्होंने पूरी तरह अपने पुराने अंदाज की झलक दिखाई। शुरुआत में वह ईशान किशन का साथ निभाते रहे, लेकिन नौवें ओवर के बाद उन्होंने गियर बदला। फॉल्क्स के एक ओवर में चार चौके और एक शानदार छक्का जड़कर उन्होंने मैच को पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया।
सूर्यकुमार यादव ने 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और लगातार आक्रामक शॉट्स खेलते रहे। शिवम दुबे के आने के बाद भारत ने रनगति और तेज कर दी। फॉल्क्स ने तीन ओवर में 67 रन लुटाए, जिससे न्यूजीलैंड की टीम पूरी तरह बिखर गई।
न्यूजीलैंड के लिए कप्तान मिचेल सैंटनर की कप्तानी पर भी सवाल उठे। गेंदबाजी बदलाव और रणनीति में चूक साफ नजर आई। मैट हेनरी को शानदार पहले ओवर के बाद तीसरा ओवर नहीं दिया गया, जिसका फायदा ईशान किशन ने भरपूर उठाया।
इसके अलावा, 14वें ओवर में सैंटनर द्वारा सूर्यकुमार यादव का कैच छोड़ना भी न्यूजीलैंड के लिए भारी पड़ गया। इसके बाद भारतीय कप्तान ने मैच को बिना किसी दबाव के समाप्त किया।
न्यूजीलैंड की पारी में रचिन रवींद्र ने जरूर प्रभावित किया और नंबर तीन पर अपनी उपयोगिता साबित की, लेकिन बड़े स्कोर की उम्मीद वहां भी टूट गई। कुलदीप यादव ने समझदारी भरी गेंदबाजी करते हुए दो विकेट चटकाए और मैच में भारत की वापसी को मजबूत किया।
कुल मिलाकर, यह मुकाबला भारतीय टीम के आत्मविश्वास, गहराई और आक्रामक सोच का बेहतरीन उदाहरण था। इस जीत के साथ भारत ने न सिर्फ सीरीज पर पकड़ मजबूत की, बल्कि टी20 वर्ल्ड कप से पहले अपने इरादे भी साफ कर दिए।



