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PM Modi Somnath Visit: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए PM मोदी, 1000 साल पुराने इतिहास को किया नमन

PM Modi Somnath Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के प्रसिद्ध और प्राचीन सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को नमन किया। इस अवसर पर वे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के समारोह में शामिल हुए, जो सोमनाथ मंदिर पर महमूद गजनवी के आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है। वर्ष 1026 में हुए उस ऐतिहासिक हमले को भारतीय इतिहास का एक दर्दनाक अध्याय माना जाता है, लेकिन साथ ही यह आस्था, पुनर्निर्माण और आत्मसम्मान की कहानी भी है।

प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ‘ॐकार मंत्र’ के जाप में भाग लिया। आध्यात्मिक वातावरण और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया। सोमनाथ मंदिर, जिसे भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता है, भारत की आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। स्वाभिमान पर्व का उद्देश्य इसी पहचान और हजार वर्षों की संघर्षगाथा को स्मरण करना है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने भव्य ड्रोन शो भी देखा, जिसने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लगभग 3000 ड्रोन की मदद से आसमान में भगवान शिव, शिवलिंग और सोमनाथ मंदिर की त्रि-आयामी आकृतियाँ उकेरी गईं। ड्रोन शो के जरिए सोमनाथ मंदिर से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रमों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। यह दृश्य न केवल तकनीकी दृष्टि से प्रभावशाली था, बल्कि भावनात्मक रूप से भी लोगों को मंदिर के गौरवशाली इतिहास से जोड़ता नजर आया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जिनमें सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख हैं। गुजरात पहुंचने पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।

सोमनाथ मंदिर के निकट स्थित वीवीआईपी सर्किट हाउस की ओर जाते समय प्रधानमंत्री ने एक संक्षिप्त रोड शो भी किया। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और दूर-दराज से आए श्रद्धालु प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए मौजूद थे। लोगों ने फूल बरसाकर और नारों के साथ उनका स्वागत किया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया।

रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम और भी विशेष रहने वाला है। सरकारी सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, सुबह करीब 9:45 बजे प्रधानमंत्री ‘शौर्य यात्रा’ में शामिल होंगे। यह यात्रा उन वीरों के सम्मान में निकाली जा रही है, जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। शौर्य यात्रा में प्रतीकात्मक रूप से 108 घोड़ों का जुलूस शामिल होगा, जो साहस, बलिदान और वीरता का प्रतीक माना जाता है।

शौर्य यात्रा के बाद प्रधानमंत्री सुबह करीब 10:15 बजे पुनः सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके पश्चात 11 बजे आयोजित होने वाले भव्य सार्वजनिक समारोह में वे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के मुख्य कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस आयोजन में देशभर से संत, इतिहासकार, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होने की संभावना है।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत के आत्मसम्मान, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और ऐतिहासिक चेतना का प्रतीक बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री मोदी पहले भी कई बार भारत की विरासत, मंदिरों के पुनरुद्धार और सांस्कृतिक गौरव की बात कर चुके हैं। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसे प्रोजेक्ट्स के बाद सोमनाथ से जुड़ा यह आयोजन उसी दृष्टिकोण की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया पर भी प्रधानमंत्री के सोमनाथ दौरे और ड्रोन शो की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। #SomnathSwabhimanParv, #PMModiSomnath और #SomnathTemple जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे भारतीय इतिहास और आस्था के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया है।

कुल मिलाकर, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व न केवल अतीत की स्मृति है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि भारत अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान दी है और आने वाले समय में इसका प्रभाव सामाजिक और सांस्कृतिक विमर्श में भी देखने को मिल सकता है।

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