
Kerala SIR 2026 Voter List: आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को पूरी तरह दुरुस्त करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने केरल के लिए Special Intensive Revision (SIR) 2026 के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंगलवार को केरल की प्रारंभिक मतदाता सूची सार्वजनिक की जा रही है, जिससे लाखों मतदाताओं को अपने नाम और विवरण जांचने का अवसर मिलेगा।
यह प्रक्रिया सिर्फ केरल तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी SIR के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जा रही है। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य मतदाता सूचियों को पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन बनाना है, ताकि चुनावों में किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जी मतदान की संभावना न रहे।
SIR क्या है और इसकी जरूरत क्यों पड़ती है
SIR यानी Special Intensive Revision एक विशेष और व्यापक मतदाता सत्यापन प्रक्रिया है, जिसे तब लागू किया जाता है जब निर्वाचन आयोग को लगता है कि नियमित वार्षिक संशोधन यानी Summary Revision मतदाता सूची को सुधारने के लिए पर्याप्त नहीं है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट से गलत, डुप्लीकेट या अपात्र नामों को हटाना और योग्य मतदाताओं के नाम सही तरीके से जोड़ना होता है।
SIR के दौरान घर-घर जाकर सत्यापन किया जाता है, मतदाताओं को पहले से भरे हुए फॉर्म दिए जाते हैं, ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाते हैं और पुराने वोटर डेटा की दोबारा जांच की जाती है। यह एक बड़े स्तर पर किया जाने वाला अभ्यास है, जिसमें बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) अहम भूमिका निभाते हैं।
निर्वाचन आयोग को SIR कराने का अधिकार
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत निर्वाचन आयोग को व्यापक यानी प्लेनरी पावर्स प्राप्त हैं। इन शक्तियों के तहत आयोग जब चाहे तब Special Intensive Revision कराने का आदेश दे सकता है। यदि आयोग को लगता है कि मौजूदा मतदाता सूची में गंभीर खामियां हैं, तो वह बिना किसी बाधा के SIR प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
इसी अधिकार के तहत केरल सहित कई राज्यों में SIR 2026 की प्रक्रिया चलाई जा रही है।
Kerala SIR Voter List 2026 क्यों है अहम
केरल में मतदाता संख्या काफी अधिक है और हर चुनाव में यहां मतदान प्रतिशत भी ऊंचा रहता है। ऐसे में मतदाता सूची का सटीक और पारदर्शी होना बेहद जरूरी हो जाता है। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद नागरिकों को यह मौका मिलता है कि वे अपने नाम, पता, उम्र और अन्य विवरणों की जांच कर सकें।
यदि किसी योग्य मतदाता का नाम सूची में नहीं है, या गलत विवरण दर्ज है, तो वह समय रहते सुधार या दावा-आपत्ति दर्ज करा सकता है।
Kerala Draft Voter List 2026 में नाम कैसे देखें
केरल SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को देखने के लिए निर्वाचन आयोग ने ऑनलाइन व्यवस्था की है। मतदाता voters.eci.gov.in वेबसाइट पर जाकर राज्य के रूप में केरल का चयन कर सकते हैं। इसके बाद जिला और विधानसभा क्षेत्र चुनने पर संबंधित क्षेत्र की मतदाता सूची उपलब्ध हो जाती है।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट बूथ लेवल के अनुसार पीडीएफ फाइलों में जारी की गई है। जैसे ही कोई मतदाता अपने मतदान केंद्र से संबंधित पीडीएफ खोलता है, उसमें अपना नाम आसानी से खोज सकता है।
EPIC नंबर से भी कर सकते हैं नाम की जांच
जो मतदाता अपने बूथ या भाग संख्या की जानकारी नहीं रखते, वे EPIC नंबर की मदद से भी अपना नाम खोज सकते हैं। इसके लिए electoralsearch.eci.gov.in वेबसाइट पर जाकर EPIC नंबर डालना होता है। यह तरीका उन लोगों के लिए काफी आसान है, जिन्हें केवल यह जानना है कि उनका नाम वोटर लिस्ट में मौजूद है या नहीं।
बूथ लेवल पीडीएफ कैसे समझें
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के पीडीएफ फाइल आमतौर पर तालुका, गांव, वार्ड या पोलिंग बूथ नंबर के आधार पर होती हैं। SIR के दौरान मतदाताओं को जो फॉर्म दिए गए थे, उनमें बूथ नंबर का उल्लेख किया गया था। यदि किसी के पास यह जानकारी नहीं है, तो वह अपने क्षेत्र के Booth Level Officer (BLO) से संपर्क कर सकता है।
BLO मतदाता को सही बूथ नंबर और सूची में नाम देखने की पूरी जानकारी प्रदान करता है।
मतदाता विवरण जांचने के अन्य तरीके
निर्वाचन आयोग की मुख्य वेबसाइट के अलावा, मतदाता CEO Kerala की आधिकारिक वेबसाइट ceo.kerala.gov.in पर भी जाकर अपने विवरण की पुष्टि कर सकते हैं। इसके अलावा ECINET मोबाइल ऐप के माध्यम से भी वोटर डिटेल्स जांची जा सकती हैं।
जो लोग ऑनलाइन माध्यम का उपयोग नहीं कर पाते, वे सीधे अपने क्षेत्र के BLO, Electoral Registration Officer (ERO) या Assistant ERO से संपर्क कर सकते हैं।
क्यों जरूरी है समय रहते जांच करना
निर्वाचन अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने नाम और विवरण की जांच जरूर करें। यदि किसी योग्य मतदाता का नाम गलती से छूट गया, तो उसे जोड़ने के लिए यही समय सबसे उपयुक्त होता है। वहीं यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल है, तो आपत्ति दर्ज कर उसे हटवाया जा सकता है।
समय रहते की गई जांच भविष्य में मतदान के अधिकार को सुरक्षित करती है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाती है।



