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हांगकांग में भीषण हाई-राइज़ आग: दूसरा दिन भी धधकती लपटें, 65 मौतें—279 लोग लापता

हांगकांग में भीषण हाई-राइज़ आग: हांगकांग के ताई पो जिले में स्थित विशाल वांग फुक कोर्ट रिहायशी परिसर में लगी आग ने शहर को झकझोर कर रख दिया है। बुधवार दोपहर शुरू हुई यह भीषण आग गुरुवार (27 नवंबर 2025) को दूसरे दिन भी कम नहीं हुई। घने धुएं और तेज़ लपटों के बीच फंसे लोग, हर तरफ़ अफरा-तफरी, और लगातार बढ़ता मौतों का आंकड़ा—यह हादसा हांगकांग के आधुनिक इतिहास की सबसे विनाशकारी आग में से एक बन चुका है।

गुरुवार शाम तक मौतों की संख्या बढ़कर 65 हो गई थी। इससे भी चिंताजनक बात यह है कि हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली के अनुसार, 279 लोगों से संपर्क टूट चुका है। बचाव टीमें लगातार इमारतों की तलाशी ले रही हैं, लेकिन अधिकारियों के पास अभी तक यह स्पष्ट जानकारी नहीं है कि कितने लोग भीतर फंसे हुए हैं।

घने धुएं में घिरा पूरा आवासीय परिसर

वांग फुक कोर्ट में कई ऊँची इमारतें हैं, जहाँ हजारों लोग रहते हैं। आग लगने के बाद इतनी मात्रा में धुआं निकला कि दूर से ही पूरा परिसर काले बादलों में ढका हुआ दिखाई दे रहा था। कई अपार्टमेंट्स से गुरुवार शाम तक भी धुआं उठता रहा और कुछ जगहों पर आग की लपटें साफ दिखाई दे रही थीं।

बुधवार दोपहर आग की शुरुआत बांस की मचानों (bamboo scaffolding) और निर्माण सामग्री से ढंके हिस्सों में हुई। तेजी से फैलती लपटों ने मिनटों में सात इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया। अग्निशमन विभाग के लिए यह एक बेहद कठिन ऑपरेशन बन गया क्योंकि ऊँची इमारतों, तेज हवा और टाइट गलियारों ने बचाव कार्य को जटिल कर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि चार इमारतों में आग पर काबू पा लिया गया था, जबकि तीन में अब भी आग को नियंत्रित करने का प्रयास जारी था।

फायरफाइटर्स का संघर्ष और शहीद जवान

इस घटना में एक फायरफाइटर की भी मौत हो गई, जो अंदर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहा था। यह खबर शहर के लोगों के लिए बेहद भावुक कर देने वाली रही। इसके अलावा लगभग 70 लोग घायल हुए हैं जिनमें कई की हालत गंभीर है।

फायर डिपार्टमेंट के अधिकारी लगातार कह रहे हैं कि यह ऑपरेशन बेहद संवेदनशील है क्योंकि कई जगहों पर इमारतों की संरचना कमजोर हो चुकी है। किसी भी क्षण दीवारें या फ्लोर ढह सकते हैं।

900 से अधिक लोगों को रातभर शेल्टरों में रखा गया

लगभग 900 लोगों को रातों-रात पास के टेम्पररी शेल्टरों में पहुंचाया गया। इन शेल्टरों में लोग अपनों की खबर का बेसब्री से इंतजार करते दिखे। वहां कई परिवार अपने लापता सदस्यों की तस्वीरें लिए इधर-उधर घूम रहे थे।

लापता पत्नी का इंतजार करता एक पति – भावुक कर देने वाली कहानी

इनमें से एक थे निवासी लॉरेंस ली, जिनकी पत्नी का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया। भावुक होते हुए उन्होंने बताया कि आग लगने के कुछ ही समय बाद उन्होंने अपनी पत्नी को फोन पर बाहर निकलने को कहा।

लेकिन जैसे ही पत्नी फ्लैट के बाहर आईं—पूरी सीढ़ियां और गलियारे धुएं से भरे हुए थे। कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। मजबूरी में उन्हें वापस कमरे में ही लौटना पड़ा।

लॉरेंस ली लगातार शेल्टर में बैठे इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि शायद उनकी पत्नी किसी सुरक्षित जगह पर हों।

“सारी रात नींद नहीं आई”: बुज़ुर्ग दंपति की दहशत

वहीँ 75 वर्षीय विंटर चुंग और उनकी पत्नी सैंडी चुंग का अनुभव भी किसी भयावह फिल्म जैसा रहा। उन्होंने बताया कि इमारत में रहते हुए उन्होंने अचानक चिंगारियां उड़ते देखीं, जिसके बाद उन्हें बाहर निकलने की कोशिश करनी पड़ी।

वे दोनों सुरक्षित बाहर निकल गए, लेकिन उनका घर अभी भी खतरे में है। विंटर चुंग ने कहा,
“पूरी रात नींद नहीं आई। हर पल डर था कि हमारी पूरी जिंदगी की कमाई आग में न जल जाए।”

कैसे लगी इतनी बड़ी आग?

प्रारंभिक जांच के अनुसार आग की शुरुआत बांस से बनी मचान और प्लास्टिक नेटवर्क कवर से हुई, जो निर्माण और मेंटेनेंस कार्यों में उपयोग किए जा रहे थे।
हांगकांग की ऊँची इमारतों में ऐसे ढांचे आम हैं, लेकिन इनका जोखिम भी उतना ही बड़ा होता है—खासकर जब मौसम शुष्क हो या तेज हवाएं चल रहीं हों।

क्यों होते हैं हांगकांग में इतने बड़े आग हादसे?

हांगकांग दुनिया के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में शामिल है। यहाँ की खास समस्याएँ हैं:

  • ऊँची इमारतें और तंग गलियारे

  • तेजी से फैलने वाली आग

  • पुरानी वायरिंग और भवनों की मेंटेनेंस चुनौतियां

  • निर्माण के दौरान मचान व प्लास्टिक कवर का उपयोग

  • आपातकालीन निकास का सीमित स्थान

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी ऊँची इमारत में आग लगने के बाद आग बुझाने से ज्यादा चुनौती लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में होती है।

हांगकांग सरकार की प्रतिक्रिया

सीएम जॉन ली ने कहा कि सभी एजेंसियां मिलकर हर संभव प्रयास कर रही हैं ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि अभी यह बताना मुश्किल है कि आग में फंसे लोगों की वास्तविक संख्या क्या है।

सरकार ने वचन दिया है कि घटना की विस्तृत जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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