
₹750 करोड़ की सहायता से दिल्ली एयरपोर्ट पर बनेगी आधुनिक कार्गो सिटी: GMR को मिला Axis Bank का बड़ा टर्म लोन
दिल्ली एयरपोर्ट पर तेज़ी से बदल रहा कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) पर अब एयर-कार्गो सेक्टर को नई रफ्तार मिलने वाली है। GMR Airports की सब्सिडियरी कंपनी GMR Cargo and Logistics (GCLL) को Axis Bank से 750 करोड़ रुपये तक का टर्म लोन मिला है, जो आने वाले समय में Delhi Airport पर बनने वाली विशाल कार्गो सिटी के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। यह जानकारी कंपनी ने अपने हालिया एक्सचेंज फाइलिंग में साझा की है।
यह कार्गो सिटी प्रोजेक्ट करीब 50.5 एकड़ में फैला हुआ है और इसे Delhi Airport का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स हब बताया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का संचालन Delhi International Airport Ltd (DIAL) करता है, जो GMR Airports की ही सहयोगी इकाई है।
कैसे मिलेगी 750 करोड़ रुपये की फंडिंग और किस काम आएगी यह राशि?
GMR Cargo and Logistics को Axis Bank से मिला यह टर्म लोन प्रोजेक्ट के शुरुआती फेज़ की लागत को पूरा करने में इस्तेमाल होगा। कंपनी का कहना है कि यह फंड कार्गो सिटी के निर्माण, आवश्यक सुविधाओं की स्थापना और आधुनिक लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में उपयोग किया जाएगा।
कार्गो सिटी का लक्ष्य है कि Delhi Airport को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का माल ढुलाई केंद्र बनाया जाए, जहां ई-कॉमर्स, एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट, कोल्ड-चेन सप्लाई और हाई-वैल्यू गुड्स की हैंडलिंग पहले से कहीं तेज़ और आधुनिक होगी।
SSU समझौता: निर्माण से लेकर संचालन तक रहेगा अमल में
कंपनी ने अपने फाइलिंग में बताया कि इस फंडिंग के तहत एक Sponsor Support Undertaking (SSU) लागू किया गया है, जो फेज़-1 के निर्माण कार्य से लेकर एक साल तक की शुरुआती संचालन अवधि तक वैध रहेगा।
इस SSU के तहत GMR Airports ने निम्न ज़िम्मेदारियों का वादा किया है:
1. सबऑर्डिनेटेड लोन को Axis Bank की सुविधा के अधीन रखना
GMR ने कहा है कि कंपनी द्वारा GCLL को दिए गए या आगे दिए जाने वाले सभी सबऑर्डिनेटेड लोन इस फंडिंग सुविधा के अधीन रहेंगे। यानी इन लोन की प्राथमिकता Axis Bank की फंडिंग के बाद होगी।
2. लागत बढ़ने पर अतिरिक्त पूंजी डालने की जिम्मेदारी
अगर प्रोजेक्ट के फेज़-1 में लागत बढ़ती है, तो GMR Airports को अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराना होगा ताकि निर्माण कार्य प्रभावित न हो।
3. लोन रीपेमेंट में कमी आने पर Gap Funding देना
अगर GCLL किसी भी समय Axis Bank के लोन की तय शर्तों के अनुसार किश्त चुकाने में असमर्थ होती है, तो GMR Airports को अंतर भरने की जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी।
Delhi Airport कार्गो सिटी: क्यों है यह प्रोजेक्ट इतना महत्वपूर्ण?
दिल्ली एयरपोर्ट पहले ही देश के सबसे व्यस्त एयर कार्गो हब में शामिल है। ई-कॉमर्स और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के बढ़ते स्तर को देखते हुए यह नया कार्गो शहर दिल्ली और पूरे उत्तर भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई दिशा देगा।
प्रोजेक्ट के बारे में जानकारों का मानना है कि:
✔ भारत के कार्गो हैंडलिंग में होगा बड़ा सुधार
तेज़, सुरक्षित और डिजिटल कार्गो प्रोसेसिंग से इंडिया की ग्लोबल रैंकिंग बेहतर होने की उम्मीद है।
✔ ई-कॉमर्स कंपनियों को तेज़ सप्लाई चेन का लाभ मिलेगा
डिलीवरी टाइम घटेगा, जिससे ग्राहक अनुभव और कंपनियों की क्षमता दोनों में सुधार होगा।
✔ देश का निर्यात बढ़ाने में मिलेगा फायदा
अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए तेज़ और आधुनिक लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद महत्वपूर्ण है।
✔ हजारों लोगों के लिए रोज़गार के अवसर
निर्माण से लेकर संचालन तक, यह प्रोजेक्ट हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियाँ पैदा करेगा।
GMR की रणनीति: लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से हो रहा विस्तार
GMR Airports, भारत और विदेशों में कई एयरपोर्ट विकसित और संचालित कर रही है। कंपनी के अनुसार, कार्गो और लॉजिस्टिक्स भविष्य का बड़ा बिज़नेस सेगमेंट बनने वाला है, और इसी कारण कंपनी लगातार निवेश बढ़ा रही है। दिल्ली एयरपोर्ट पर कार्गो सिटी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
यह प्रोजेक्ट:
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अत्याधुनिक वेयरहाउसिंग सुविधाएँ देगा
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डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन और AI आधारित लॉजिस्टिक्स सिस्टम से लैस होगा
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कोल्ड स्टोरेज और फार्मा कार्गो के लिए विशेष क्षेत्र विकसित करेगा
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एयरलाइंस, फॉरवर्डर्स और लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप्स के लिए बिज़नेस होम बन सकता है
भारत के लिए क्या मायने रखता है यह बड़ा निवेश?
भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से एक्सपोर्ट-ड्रिवन हो रही है और कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर इसका एक महत्वपूर्ण आधार है। सरकार भी लगातार लॉजिस्टिक्स लागत घटाने, नई वेयरहाउसिंग पॉलिसियों और एयर-कार्गो सुधारों पर काम कर रही है।
इस लिहाज से GMR का यह प्रोजेक्ट:
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भारत को ग्लोबल ट्रांस-शिपमेंट नेटवर्क का हिस्सा बना सकता है
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बिज़नेस के लिए लागत और समय दोनों घटाएगा
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दिल्ली NCR के औद्योगिक विकास को तेज़ करेगा
निष्कर्ष
Axis Bank से मिला ₹750 करोड़ का लोन न सिर्फ GMR Cargo & Logistics के इस बड़े प्रोजेक्ट को गति देगा बल्कि दिल्ली सहित पूरे देश के लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट सेक्टर को नई ऊंचाई देगा। आने वाले वर्षों में यह कार्गो सिटी भारत का सबसे आधुनिक एयर-लॉजिस्टिक्स हब बन सकती है।



