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SMAT 2025: केरल ने 10 विकेट से जीता पहला मैच | Rohan Kunnummal का धमाकेदार शतक

Rohan Kunnummal CenturySMAT 2025 में केरल ने अपने अभियान की धमाकेदार शुरुआत करते हुए ओडिशा को 10 विकेट से रौंद डाला। यह जीत सिर्फ एक सामान्य जीत नहीं थी, बल्कि केरल की बैटिंग ताकत और टीम की एकजुटता का ऐसा शानदार प्रदर्शन था जिसने पूरे टूर्नामेंट में बाकी टीमों को स्पष्ट संदेश दे दिया — इस बार केरल हल्के में लेने वाली टीम नहीं है।

पहले मैच में उन्होंने जिस आत्मविश्वास, आक्रामकता और क्लास के साथ खेल दिखाया, उसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। खासकर रोहन कुन्नुम्मल की तूफ़ानी बल्लेबाज़ी ने भारतीय घरेलू क्रिकेट में उनकी क्षमता को फिर एक बार साबित कर दिया।

ओडिशा का 177 का स्कोर और केरल की बेहतरीन शुरुआत

ओडिशा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 177 रन का एक सम्मानजनक लक्ष्य खड़ा किया था। पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी, लेकिन फिर भी 170+ का स्कोर किसी भी टीम को चुनौती दे सकता है। ओडिशा के बल्लेबाज़ों ने शुरुआती ओवरों में तेजी से रन जुटाए, लेकिन केरल के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में शानदार वापसी की जिससे ओडिशा अंत तक बड़ा स्कोर नहीं बना पाई।

केरल की ओर से गेंदबाज़ी में सबसे ज्यादा चर्चा निथीश के घातक स्पेल की रही, जिन्होंने ओडिशा की मिडिल और लोअर ऑर्डर को बुरी तरह झकझोर दिया। उनके सामने ओडिशा के बल्लेबाज़ टिक ही नहीं पाए।
KM आसिफ और अंकित शर्मा ने भी अच्छी लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाज़ी की और मिलकर दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।

ओवरऑल देखा जाए तो गेंदबाज़ों ने ओडिशा को 180 से नीचे रोककर बल्लेबाज़ों को जीत की मजबूत नींव दे दी थी।

Rohan Kunnummal की तूफ़ानी पारी—10 चौके, 10 छक्के और स्ट्राइक रेट 200+

लेकिन असली कहानी इसके बाद शुरू हुई—जब केरल के ओपनर मैदान पर उतरे।
और जो हुआ, उसकी उम्मीद शायद किसी ने नहीं की थी।

Rohan Kunnummal ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज़ अपनाया। हर गेंद पर नजर थी और हर ढीली गेंद को उन्होंने बाउंड्री के पार पहुंचाया। उनकी बल्लेबाजी में ताकत, टाइमिंग और आत्मविश्वास का ऐसा मेल था जिसने ओडिशा की गेंदबाज़ी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

121 रन नाबाद, सिर्फ 60 गेंदों में,
10 चौके और 10 छक्के —
ये आंकड़े उनकी पारी की विस्फोटकता खुद बयान करते हैं।

Rohan Kunnummal ने हर ओवर में अलग-अलग शॉट्स का प्रदर्शन किया — स्ट्रेट ड्राइव, कवर ड्राइव, पुल शॉट, लॉन्ग-ऑन के ऊपर शानदार लिफ्टेड शॉट और कई बेहतरीन इनोवेटिव शॉट्स।
उनका स्ट्राइक रेट 200 के ऊपर रहा, जो टी20 फॉर्मेट में किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की पारी से कम नहीं कहा जा सकता।

ऐसा लग रहा था जैसे ओडिशा के गेंदबाज़ केवल औपचारिकता निभा रहे हों, क्योंकि गेंद उनकी पसंदीदा जगहों पर ही आ रही थी, और वे हर गेंद को बाउंड्री में बदलने में सक्षम दिखे।

संजू सैमसन की क्लासी बल्लेबाजी — कप्तान का स्थिर हाथ

दूसरी ओर कप्तान संजू सैमसन ने अपने अंदाज के अनुसार शांत और संतुलित पारी खेली।
संजू ने शुरुआत में स्ट्राइक घुमाई, कुन्नुम्मल को खेलने दिया और धीरे-धीरे अपनी रफ्तार पकड़ी।
उन्होंने 51 रन नाबाद बनाए, 41 गेंदों में, जिसमें टाइमिंग और क्लास दोनों नजर आए।

संजू का यह अर्धशतक भले ही रोहन की पारी जितना आक्रामक नहीं था, लेकिन यह साझेदारी का आधार था। उन्हें पता था कि रोहन लय में हैं, इसलिए उन्होंने समझदारी से खेलते हुए स्ट्राइक रोटेट किया और ज़रूरत पड़ने पर बड़े शॉट भी लगाए।

दोनों बल्लेबाज़ों के बीच यह साझेदारी सिर्फ रनों की साझेदारी नहीं थी, बल्कि यह दो अलग-अलग बल्लेबाजी शैलियों का बेहतरीन संयोजन था — एक ओर तूफानी रोहन और दूसरी ओर शांत-स्थिर संजू सैमसन।

16.3 ओवर में लक्ष्य हासिल—टी20 में एकतरफा जीत का उदाहरण

केरल ने 177 रन का लक्ष्य 16.3 ओवर में ही पूरा कर लिया और वह भी बिना एक भी विकेट गंवाए
यह सिर्फ जीत नहीं, बल्कि एक ‘स्टेटमेंट’ थी।
ऐसा लगा मानो केरल ने ये संदेश दे दिया हो कि उनकी टीम में वह ताकत है जो किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को विपक्षहीन बना सकती है।

इस मैच के बाद सोशल मीडिया पर रोहन कुन्नुम्मल की पारी की जमकर तारीफ की जा रही है। क्रिकेट फैंस का कहना है कि अगर उन्हें लगातार मौके मिलें तो वे जल्द ही राष्ट्रीय टीम की दावेदारी में होंगे।

संजू का भाई भी खेले, लेकिन शांत प्रदर्शन

इस मैच में संजू सैमसन के बड़े भाई साली सैमसन भी केरल की ओर से खेले। हालांकि, उन्हें गेंदबाजी और फील्डिंग में खास प्रभाव डालने का मौका नहीं मिला और उनका प्रदर्शन थोड़ा फीका रहा।
लेकिन टीम की सफलता पूरे यूनिट की सफलता होती है, और साली भी इस शानदार जीत का हिस्सा बने।

केरल की यह जीत टूर्नामेंट की सबसे दमदार शुरुआतों में से एक

केरल ने जिस तरह से बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अपना दबदबा दिखाया, उससे यह साफ है कि टीम इस बार ट्रॉफी जीतने की मानसिकता के साथ उतरी है।
उनकी ओपनिंग जोड़ी लाजवाब है, मिडिल ऑर्डर मजबूत है और गेंदबाज़ी में गहराई भी है।
रोहन और संजू के फॉर्म में रहने से यह टीम किसी भी विपक्ष को हराने की क्षमता रखती है।

यह जीत केरल के लिए केवल दो अंक नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास का इंजेक्शन है—और बाकी टीमों के लिए चेतावनी भी।

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