
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को लेकर मंगलवार रात अचानक पूरे देश में अफरा-तफरी मच गई। सोशल मीडिया पर कुछ अनजान और अपुष्ट अकाउंट्स ने दावा किया कि रावलपिंडी की हाई-सिक्योरिटी आदियाला जेल में इमरान खान की हत्या कर दी गई है। इन दावों के सामने आते ही पाकिस्तान में हलचल तेज हो गई और #ImranKhan, #WhereIsImranKhan जैसे हैशटैग दुनिया भर में ट्रेंड करने लगे।
यह पूरी अफवाह तब शुरू हुई जब खुद को “Ministry of Foreign Affairs Baluchistan” बताने वाले एक अकाउंट ने लिखा कि इमरान खान को जेल में मार दिया गया है और उनका शव कहीं और ले जाया गया है। कुछ अफगान मीडिया पोर्टलों ने भी बिना किसी सबूत के इन दावों को प्रकाशित कर दिया। बावजूद इसके, पाकिस्तान सरकार, जेल प्रशासन या PTI के किसी आधिकारिक बयान ने इन दावों की पुष्टि नहीं की। लेकिन सोशल मीडिया पर पहले ही दहशत फैल चुकी थी।
इमरान खान की बंदीगृह की चुप्पी और बढ़ता अविश्वास
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ कई केस लंबित हैं, जिनको उनके समर्थक राजनीति से प्रेरित बताते रहे हैं। उनकी लगातार इनक्यूम्यूनिकाडो (बिना किसी संपर्क के) कैद ने पहले से ही संदेह की स्थिति बना दी थी। वे पिछले कई हफ्तों से अपने परिवार और वकीलों से मुलाकात नहीं कर पाए हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
इसी पृष्ठभूमि में जब उनकी हत्या की अफवाह उड़ी तो जनता और PTI समर्थकों में डर और गुस्से की लहर दौड़ गई। लोगों ने सवाल उठाना शुरू किया—अगर इमरान खान सुरक्षित हैं, तो सरकार उन्हें दिखाने से क्यों बच रही है?
इमरान खान की बहनों को जेल के बाहर रोका गया
अफवाहों के बीच मंगलवार देर रात इमरान खान की बहनें — नोरीन खान, अलीमा खान और उज़्मा खान — अचानक आदियाला जेल पहुंचीं ताकि वे खुद इमरान खान की स्थिति पता कर सकें। लेकिन उनके पहुँचते ही हालात और गर्म हो गए। परिवार का दावा है कि जेल के बाहर मौजूद पुलिस ने उन्हें जबरन रोका, धक्का-मुक्की की और कई PTI समर्थकों पर लाठीचार्ज किया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि जेल के बाहर अफरा-तफरी मची हुई थी। PTI कार्यकर्ता ‘इमरान खान को सामने लाओ’ और ‘सेलेक्टेड हुकूमत मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगा रहे थे। पूरा माहौल तनावपूर्ण था और पुलिस-प्रशासन किसी भी कीमत पर स्थिति को काबू में रखने की कोशिश कर रहा था।
PTI का आरोप — “सब कुछ सेना चला रही है”
PTI ने एक बयान जारी कर कहा कि इमरान खान को तीन हफ्तों से किसी भी परिवार सदस्य से मिलने नहीं दिया गया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन के फैसले असल में सेना के इशारे पर लिए जा रहे हैं, न कि किसी नागरिक प्रशासन द्वारा।
यही नहीं, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी — जो इमरान खान के करीबी माने जाते हैं — भी reportedly सात बार जेल में मुलाकात की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें बाहर ही रोक दिया गया।
PTI ने इसे “चिंताजनक और लोकतंत्र के लिए खतरनाक” बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
देशभर में उठी एक ही आवाज — Where Is Imran Khan?
हालांकि हत्या की अफवाहों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह घटनाक्रम बताता है कि पाकिस्तान की जनता और उसकी सेना के बीच अविश्वास कितना गहरा हो चुका है। इमरान खान से जुड़ी कोई भी जानकारी न मिलने से मज़बूर समर्थक लगातार सवाल उठा रहे हैं — आख़िर वे कहाँ हैं? क्या वे सुरक्षित हैं? और सरकार उन्हें सामने क्यों नहीं लाती?
पाकिस्तान में पहले भी कई बार राजनीतिक नेताओं पर हमले हुए हैं, और इमरान खान खुद एक हमले का शिकार हो चुके हैं। इसलिए जनता के मन में डर और संदेह का बढ़ना स्वाभाविक है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता
PTI ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि वे पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाएं ताकि इमरान खान की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उनकी ‘प्रूफ ऑफ लाइफ’ जारी की जाए। दुनिया भर के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पाकिस्तान की छवि पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
कई विदेशी पत्रकारों और राजनीतिक विश्लेषकों ने भी पाकिस्तान से पारदर्शिता की मांग की है।
जेल प्रशासन और सरकार की चुप्पी और बढ़ा रही है संकट
अब तक पाकिस्तान सरकार ने सिर्फ इतना कहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। लेकिन उन्होंने इमरान खान को सामने लाने, तस्वीर जारी करने या वीडियो जारी करने से साफ इनकार कर दिया है।
ऐसे में सवाल उठता है कि अगर इमरान खान पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं, तो उन्हें दिखाने में क्या समस्या है?
इसी सवाल ने पूरे देश में राजनीतिक अशांति पैदा कर दी है। सोशल मीडिया से लेकर संसद तक — हर जगह एक ही सवाल गूंज रहा है: “इमरान खान कहाँ हैं?”
क्या पाकिस्तान एक नए राजनीतिक संकट की ओर बढ़ रहा है?
मौजूदा हालात पाकिस्तान को एक और बड़े राजनीतिक संकट की ओर धकेलते दिख रहे हैं। इमरान खान देश में एक बेहद लोकप्रिय नेता हैं और उनकी पार्टी का बड़ा जनाधार है। अगर उनकी सुरक्षा पर कोई भी ठोस जानकारी नहीं दी जाती, तो आने वाले दिनों में देशभर में बड़े विरोध प्रदर्शनों की आशंका है।
मौजूदा स्थिति से यह भी साफ है कि पाकिस्तान की राजनीति, सेना और न्याय व्यवस्था के बीच खींचतान अब आम लोगों को भी प्रभावित कर रही है।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार इमरान खान को लेकर कोई स्पष्ट बयान जारी करती है या मामला और अधिक उलझता चला जाएगा। फिलहाल तो पूरे पाकिस्तान में यही सवाल गूंज रहा है— “Where Is Imran Khan?”



