
मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर भीषण हादसा – पुणे के पास कार दो ट्रकों के बीच फंसी, 7 की मौत
Navale Bridge Accident पुणे: महाराष्ट्र के पुणे जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। मुंबई-बेंगलुरु हाईवे (Pune-Bengaluru Highway) पर नवले ब्रिज (Navale Bridge) के पास दो कंटेनर ट्रकों और एक कार के बीच भीषण टक्कर हुई। हादसे में कार पूरी तरह कुचल गई और उसमें आग लग गई। इस भयावह दुर्घटना में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 से 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
यह घटना इतनी भीषण थी कि चंद मिनटों में कार आग के गोले में तब्दील हो गई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि कार पूरी तरह जल चुकी थी और आसपास अफरा-तफरी मच गई थी। राहत और बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया।
Five people were killed after a car got crushed between two container trucks that caught fire on a bridge along the Mumbai-Bengaluru Highway on the outskirts of Pune city
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— Hindustan Times (@htTweets) November 13, 2025
कैसे हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक, हादसा गुरुवार सुबह तब हुआ जब एक कंटेनर ट्रक का ब्रेक फेल हो गया और उसने नियंत्रण खो दिया। ट्रक ने आगे चल रही कई गाड़ियों को टक्कर मार दी। इनमें एक कार दो ट्रकों के बीच फंस गई, जिसके बाद दोनों कंटेनर ट्रकों में आग लग गई। कार पूरी तरह जलकर राख हो गई और उसमें सवार सभी लोग झुलस गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार, कार में सात लोग सवार थे जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, अन्य वाहनों में बैठे कई लोग घायल हो गए जिन्हें फौरन अस्पताल पहुंचाया गया।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम फिलहाल प्राथमिक जानकारी के आधार पर जांच कर रहे हैं। सबसे पहले हमारा ध्यान घायलों को इलाज मुहैया कराने पर है। हादसे के सही कारण का पता लगाने के लिए जांच जारी है।”
हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम
घटना के बाद मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। हादसे के चलते हाईवे के दोनों ओर गाड़ियों की कतारें लग गईं। दमकल विभाग और पुलिस ने मिलकर राहत कार्य शुरू किया और सड़क को खाली कराने में कई घंटे लग गए।
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग पर काबू पाने में करीब एक घंटा लगा क्योंकि दोनों कंटेनर ट्रकों में पेट्रोल और ज्वलनशील सामान लदा हुआ था। आग इतनी तेज थी कि आसमान में धुएं के गुब्बारे दिख रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई भयावह कहानी
हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक अचानक तेज़ी से आगे बढ़ा और कई गाड़ियों को टक्कर मारता चला गया। एक चश्मदीद ने बताया, “सब कुछ कुछ सेकंडों में हुआ। हमें बस जोरदार धमाके की आवाज़ सुनाई दी और आग की लपटें दिखीं। कार के अंदर बैठे लोग बाहर निकल ही नहीं पाए।”
दूसरे प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोग घायलों को बाहर निकालने की कोशिश में जुट गए, लेकिन आग इतनी तेज थी कि पास जाना मुश्किल था।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
पुणे पुलिस और दमकल विभाग ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। पुलिस ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ट्रक का ब्रेक कैसे फेल हुआ। ट्रक चालक की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है क्योंकि वह भी घायल हुआ है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम यह भी जांच कर रहे हैं कि ट्रक का मेंटेनेंस सही तरीके से हुआ था या नहीं। हाईवे पर सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है।”
पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
सड़क हादसों का बढ़ता खतरा
मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर हादसे नई बात नहीं हैं। नवले ब्रिज क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े एक्सीडेंट हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में ट्रकों की अत्यधिक आवाजाही, ओवरस्पीडिंग और ब्रेक फेल जैसी घटनाएं आम हो गई हैं।
साल 2024 में भी इसी इलाके में एक कंटेनर ट्रक ने कई गाड़ियों को टक्कर मारी थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाने के वादे किए थे, लेकिन हालिया दुर्घटना ने फिर से हाईवे सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकार और पुलिस की अपील
हादसे के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे हाईवे पर गति सीमा का पालन करें और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अपने वाहनों की नियमित जांच करवाएं।
सरकारी प्रवक्ता ने कहा, “यह एक दुखद घटना है। हमारी संवेदनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसी दुर्घटनाएं भविष्य में न हों।”
सोशल मीडिया पर शोक और आक्रोश
जैसे ही हादसे की खबर आई, सोशल मीडिया पर लोगों ने दुःख और आक्रोश जताया। ट्विटर (X) पर #PuneAccident और #NavaleBridge ट्रेंड करने लगे। कई लोगों ने सरकार से सख्त कदम उठाने और ट्रक चालकों के लिए बेहतर प्रशिक्षण की मांग की।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया कि हाईवे पर नियमित सुरक्षा जांच और कैमरा मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत किया जाए, ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
निष्कर्ष
मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर हुआ यह भीषण हादसा सिर्फ़ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा की लापरवाही का एक और उदाहरण है। सात निर्दोष लोगों की जान जाने के बाद यह सवाल फिर खड़ा होता है कि आखिर कब तक तकनीकी खराबियों और ओवरस्पीडिंग का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।
पुलिस की जांच जारी है, लेकिन फिलहाल प्राथमिकता घायलों के इलाज और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की है। इस हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सड़क पर ज़रा सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।



